बिश्केक : पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंगलवार को कहा कि पानी पूरे क्षेत्र की ‘‘जीवनरेखा’’ है और इसे कभी भी हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि स्थायी शांति के बिना क्षेत्र अपनी पूरी क्षमता हासिल नहीं कर सकता। सिंधु जल संधि (IWT) का जिक्र करते हुए शरीफ ने कहा कि साझा जल संसाधनों से जुड़े समझौते बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताएं हैं और इन्हें राजनीतिक सुविधा के लिए नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। भारत ने पिछले साल अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले के बाद IWT को स्थगित कर दिया था। भारत ने सोमवार को स्थायी मध्यस्थता न्यायालय के उस आदेश को खारिज किया, जिसमें संधि को निलंबित करने के भारत के फैसले पर सवाल उठाया गया था। अफगानिस्तान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान शांतिपूर्ण और स्थिर अफगानिस्तान चाहता है, लेकिन जब तक आतंकवादी अफगान धरती का इस्तेमाल पाकिस्तान और अन्य देशों के निर्दोष लोगों की हत्या के लिए करते रहेंगे, स्थायी शांति संभव नहीं होगी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान 2026-27 के लिए SCO के राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की अध्यक्षता संभाल रहा है। अगले साल SCO शिखर सम्मेलन की मेजबानी इस्लामाबाद करेगा। उन्होंने IT, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ऊर्जा, गरीबी उन्मूलन, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य, संस्कृति और खेल को प्राथमिकता देने की योजना पेश की। इसके अलावा शरीफ ने पाकिस्तान की अमेरिका-ईरान मध्यस्थता और ‘मक्का रक्षा गठबंधन’ को रक्षात्मक बताते हुए कहा कि यह किसी देश के खिलाफ नहीं है।