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मानसूनी बारिश से जलाशयों में बढ़ा जलस्तर, जल्द बहाल हो सकती है सामान्य जलापूर्ति

सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के साथ अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के विभिन्न जलाशयों, विशेष रूप से धनिखाड़ी बांध में जल उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इससे हाल के दिनों में जलापूर्ति संबंधी प्रतिबंधों से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है। कम वर्षा और जलाशयों में घटते जलस्तर के दौरान अंडमान एवं निकोबार प्रशासन ने द्वीपों के उपभोक्ताओं को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सक्रिय और व्यापक रणनीति अपनाई। जलापूर्ति बढ़ाने के उद्देश्य से बोरवेल, तालाब, रिंगवेल, जलाशय और वीयर सहित कई वैकल्पिक जल स्रोतों की पहचान कर उनका विकास किया गया। इसके परिणामस्वरूप रटलैंड फेज-1 एवं फेज-2, 13 तालाबों, 7 वीयर, 10 रिंगवेल, 5 जलाशयों और 7 बोरवेलों को चालू कर शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिदिन अतिरिक्त 15.08 एमएलडी पानी उपलब्ध कराया गया।

जल स्थिति की लगातार निगरानी मुख्य सचिव तथा आयुक्त-सह-सचिव (लोक निर्माण विभाग) द्वारा की गई। उन्होंने साप्ताहिक आधार पर जल उपलब्धता की समीक्षा कर सभी गांवों और मुख्यालय क्षेत्रों में न्यूनतम आवश्यक जलापूर्ति बनाए रखने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए। जनता को कम से कम असुविधा हो, इसे ध्यान में रखते हुए जल राशनिंग की व्यवस्था सावधानीपूर्वक तैयार की गई।तीनों जिलों के उपायुक्तों ने भी स्थिति की निगरानी और स्थान-विशिष्ट जल संवर्धन परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन समन्वित प्रयासों ने जल संकट के प्रभाव को काफी हद तक कम करने में मदद की। इसी दौरान अंडमान लोक निर्माण विभाग और श्री विजयापुरम नगर परिषद द्वारा जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाए गए। इनमें जल संरक्षण कार्यक्रम, विद्यालय आधारित गतिविधियां, रैलियां, चर्चा सत्र तथा विभिन्न जनसंपर्क कार्यक्रम शामिल थे। इन जागरूकता अभियानों को जनता और संस्थानों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली, जिससे जल संरक्षण प्रयासों को महत्वपूर्ण बल मिला। इसके अतिरिक्त प्रशासन ने टैंकरों पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से कई क्षेत्र-विशिष्ट परियोजनाएं भी शुरू की हैं। इनमें 5 बोरवेल, 3 चेक वीयर, 2 रिंगवेल का निर्माण, विभिन्न जलाशयों के कैचमेंट क्षेत्र का विस्तार तथा सोना पहाड़ बांध की गाद निकासी का कार्य शामिल है। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर दक्षिण अंडमान में लगभग 168.75 मिलियन लीटर अतिरिक्त जल उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है। धनिखाड़ी बांध में हाल ही में जलस्तर में हुए सुधार और लगातार हो रही मानसूनी वर्षा को देखते हुए प्रशासन को उपलब्ध जल संसाधनों में और वृद्धि की उम्मीद है। इसी के मद्देनजर श्री विजयापुरम नगर परिषद क्षेत्र में सामान्य जलापूर्ति को शीघ्र बहाल करने का प्रस्ताव रखा गया है। अंडमान एवं निकोबार प्रशासन ने कहा है कि वह द्वीपों में जल सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा भविष्य में जल संकट की संभावनाओं को न्यूनतम करने के उद्देश्य से स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।


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