गुवाहाटी : अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट में प्रस्तावित सियांग अपर बहुउद्देशीय परियोजना के विरोध में हुई हिंसा के बाद केंद्र सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर CRPFऔर RAF के करीब 250 जवानों को राज्य में तैनात किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, इन जवानों को नवी मुंबई से भारतीय वायु सेना के परिवहन विमान के जरिए भेजा गया। इसका उद्देश्य हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और हालात को बिगड़ने से रोकना है।
NHPC कार्यालय और पुलिस स्टेशन में आगजनी, नेताओं के घरों में तोड़फोड़
प्रस्तावित 11,200 मेगावाट की सियांग परियोजना के खिलाफ सियांग, अपर सियांग और ईस्ट सियांग जिलों में 12 घंटे का बंद बुलाया गया था। मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, बंद के दौरान स्थिति काफी हद तक शांतिपूर्ण रही, लेकिन शुक्रवार रात पासीघाट में हिंसा भड़क उठी, जो शनिवार तड़के करीब 3:30 बजे तक जारी रही।
पुलिस के अनुसार, भीड़ ने कथित तौर पर राष्ट्रीय जलविद्युत ऊर्जा निगम के एक कार्यालय और पुलिस स्टेशन में आग लगा दी। इसके अलावा, राज्य भाजपा अध्यक्ष समेत तीन राजनीतिक नेताओं के आवासों में तोड़फोड़ की गई। हिंसा के दौरान पुलिस, CRPF और अन्य केंद्रीय सुरक्षा बलों के कुछ जवान भी घायल हुए।
मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने की शांति बनाए रखने की अपील
मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने घटनाओं को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार महत्वपूर्ण है, लेकिन प्रदर्शन कानून के दायरे में होने चाहिए। सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना तथा सार्वजनिक व्यवस्था बाधित करना स्वीकार्य नहीं है।
प्रशासन अब प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की मदद ले रहा है। प्रस्तावित परियोजना को लेकर स्थानीय विरोध के बीच सरकार के सामने शांति बनाए रखने और लोगों की चिंताओं का समाधान करने की चुनौती है।