सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के युवा शतरंज खिलाड़ियों के लिए गर्व का एक और क्षण सामने आया है। दो उभरते खिलाड़ियों, एएफएम सॉ जिन्सन सैमुअल और एसीएम अग्रता सिंह ने हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित फिडे रेटेड टूर्नामेंट में भाग लिया और उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी फिडे रेटिंग दर्ज की। यह उपलब्धि द्वीपीय शतरंज संघ और स्थानीय खेल प्रेमियों के लिए खुशी और प्रेरणा का कारण बनी है।
एएफएम सॉ जिन्सन सैमुअल ने बनाई 1633 की रेटिंग
इस टूर्नामेंट में एएफएम सॉ जिन्सन सैमुअल ने शानदार खेल दिखाया और 1633 की फिडे रेटिंग हासिल की। यह उनकी शतरंज यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो उनके निरंतर अभ्यास और रणनीतिक कौशल का परिणाम है। उनके खेल ने यह साबित कर दिया कि अंडमान एवं निकोबार के युवा खिलाड़ी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।
एसीएम अग्रता सिंह ने 1531 से शुरुआत की
दूसरी ओर, एसीएम अग्रता सिंह ने 1531 की फिडे रेटिंग के साथ अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की। यह उनके लिए नई चुनौती और सीख का अवसर है। टूर्नामेंट में उनका संयमित और योजनाबद्ध खेल दर्शकों और प्रशिक्षकों दोनों का ध्यान खींचने में सफल रहा।
अंडमान एवं निकोबार शतरंज संघ की बधाई और समर्थन
अंडमान एवं निकोबार शतरंज संघ ने दोनों खिलाड़ियों को इस उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी है। संघ ने कहा कि यह सफलता द्वीपीय शतरंज के लिए प्रेरणा का स्रोत है और आने वाले समय में और अधिक युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
भविष्य की प्रतियोगिताओं में सफलता की उम्मीद
संघ ने यह भी उम्मीद जताई कि जिन्सन सैमुअल और अग्रता सिंह आगामी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी रेटिंग और अनुभव को बढ़ाएंगे। इस उपलब्धि से द्वीपीय खेल समुदाय में शतरंज के प्रति उत्साह और रुचि और बढ़ेगी।
द्वीप के युवा खिलाड़ी बने प्रेरणा का स्रोत
इस सफलता के साथ अंडमान एवं निकोबार के युवा खिलाड़ियों ने यह साबित किया कि सही तैयारी, समर्पण और आत्मविश्वास से कोई भी खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकता है। उनके उज्ज्वल भविष्य और खेल में नई उपलब्धियों की संभावना द्वीप के अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का कार्य करेगी।
इस तरह, अंडमान एवं निकोबार के दो युवा शतरंज खिलाड़ी न केवल अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि के लिए बल्कि द्वीपीय खेल क्षेत्र के लिए भी गर्व का कारण बने हैं।