सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : अंडमान एवं निकोबार प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अभियान समिति के अध्यक्ष टीएसजी भास्कर ने हाल ही में उत्तर एवं मध्य अंडमान के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का तीन दिवसीय व्यापक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कदमतला से लेकर मायाबंदर तक विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण कर भारी वर्षा और बाढ़ जैसी परिस्थितियों से हुए नुकसान का आकलन किया। दौरे के दौरान टीएसजी भास्कर ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की, जलमग्न घरों का निरीक्षण किया और स्थानीय निवासियों से उनकी समस्याओं तथा कठिनाइयों की प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि हालिया भारी वर्षा के कारण अनेक परिवारों को गंभीर आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। कई घरों को नुकसान पहुंचा है, जबकि किसानों की फसलें भी बाढ़ के पानी में डूबने से प्रभावित हुई हैं। प्रभावित लोगों से बातचीत करते हुए टीएसजी भास्कर ने उन्हें आश्वस्त किया कि कांग्रेस पार्टी इस कठिन समय में उनके साथ खड़ी है और उनकी समस्याओं तथा मांगों को संबंधित अधिकारियों और प्रशासन के समक्ष मजबूती से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को राहत और सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। अपने दौरे के दौरान टीएसजी भास्कर ने रंगत के सहायक आयुक्त से भी मुलाकात की और बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल राहत उपायों, पुनर्वास प्रयासों तथा समयबद्ध सहायता प्रदान किए जाने की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिन परिवारों को बाढ़ के कारण घरों, फसलों और अन्य संपत्तियों का नुकसान हुआ है, उन्हें यथाशीघ्र पर्याप्त सहायता और उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर एवं मध्य अंडमान में हर वर्ष भारी वर्षा के दौरान उत्पन्न होने वाली समस्याओं को देखते हुए केवल अस्थायी उपाय पर्याप्त नहीं हैं। इसके लिए एक व्यापक और दीर्घकालिक रणनीति तैयार किए जाने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में बाढ़ जैसी परिस्थितियों से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। टीएसजी भास्कर ने प्रशासन से जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने, प्राकृतिक जल प्रवाह मार्गों को बेहतर बनाने तथा टिकाऊ आधारभूत संरचना विकसित करने पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में भी लोगों को इसी प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कदमतला से मायाबंदर तक के कई प्रभावित गांवों और बस्तियों का दौरा करते हुए उन्होंने स्थानीय निवासियों, पंचायत प्रतिनिधियों तथा सामुदायिक नेताओं से भी बातचीत की। इस दौरान हालिया बाढ़ से उत्पन्न चुनौतियों, राहत कार्यों की स्थिति और भविष्य में ऐसी आपदाओं से निपटने की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की गई।
टीएसजी भास्कर ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों के लोगों की समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय समुदायों को मिलकर कार्य करना होगा ताकि लोगों को राहत मिल सके और भविष्य में ऐसी परिस्थितियों का प्रभाव न्यूनतम किया जा सके।