ट्रंप का टैरिफ बम 
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ट्रंप ने अब ईयू, मेक्सिको पर 30 प्रतिशत टैरिफ थोपा

एक अगस्त से होगा प्रभावी, अब तक 24 देशों और 27 सदस्यीय यूरोपीय संघ सहित कुल 51 देशों पर शुल्क की शर्ते लागू कीं


ब्रिजवॉटर :
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को देश के दो सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों यूरोपीय संघ (ईयू) और मेक्सिको पर 30 प्रतिशत शुल्क (टैरिफ) थोप दिया। साथ ही उन्होंने धमकी दी कि अगर वे जवाबी कार्रवाई करते हैं, तो शुल्क दर और बढ़ा दी जाएगी। यह शुल्क एक अगस्त से प्रभावी होगा। ट्रंप जवाबी शुल्कों के जरिए विश्व व्यापार को नियंत्रित करने वाले नियमों में भारी उलटफेर कर रहे हैं। ट्रंप ने शनिवार के पत्रों के साथ अब तक 24 देशों और 27 सदस्यीय यूरोपीय संघ पर शुल्क की शर्तें लागू कर दी हैं। ट्रंप अपने सहयोगियों और विरोधियों, दोनों के साथ नए शुल्क की घोषणाएं कर रहे हैं, जो उनके 2024 के चुनाव अभियान का आधार है। उन्होंने कहा था कि यह अमेरिकी अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने की नींव रखेगा। उनका दावा है कि दशकों से अन्य देशों ने अमेरिका की अर्थव्यवस्था का दोहन किया है।

मेक्सिको पर कार्टेल्स फेंटेनाइल की तस्करी रोकने में नाकामी का आरोप : ट्रंप ने मेक्सिको के नेता को लिखे अपने पत्र में मेक्सिको द्वारा अमेरिका में अवैध प्रवासियों को रोकने में मदद की बात स्वीकारी। उन्होंने कहा कि मेक्सिको ने उत्तरी अमेरिका को ‘मादक पदार्थ की तस्करी के मैदान’ में बदलने से रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं। यह टैरिफ मेक्सिको में फैले फेंटेनाइल ड्रग के चलते लगाया जा रहा है। उन्होंने मेक्सिकन ड्रग कार्टेल्स को दुनिया के सबसे बुरा बताया और कहा कि ये कार्टेल्स फेंटेनाइल जैसी घातक दवाओं को अमेरिका में ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में मेक्सिकों शासन की नाकामी के कारण अब अमेरिका मेक्सिको से आने वाले सभी उत्पादों पर टैरिफ लगाया जा रहा है।

यूरोपियन देशों पर सख्ती, कंपनियों को ऑफर : ट्रंप ने 27 देशों के यूरोपीय संघ को लिखे अपने पत्र में कहा कि अमेरिका का व्यापार घाटा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर कोई यूरोपीय कंपनी अपने उत्पादों को दूसरे देश के रास्ते ट्रांसशिप कर अमेरिका भेजती है, तो उन पर भी यही टैरिफ लगेगा। ट्रम्प ने यह तर्क दिया कि अमेरिका और यूरोपीय यूनियन के बीच व्यापार घाटा बहुत अधिक है, और 30% का यह टैरिफ उसे सुधारने की दिशा में एक जरूरी कदम है। अमेरिका, यूरोपीय यूनियन के बीच हर दिन लगभग 3.5 अरब डॉलर का व्यापार होता है। उन्होंने यूरोपीय कंपनियों को यह प्रस्ताव भी दिया कि अगर वे अमेरिका में अपने उत्पाद बनाना शुरू कर दें, तो उन्हें टैरिफ नहीं देना पड़ेगा, और अमेरिकी सरकार तेज और पेशेवर ढंग से मंजूरी देने में मदद करेगी।

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