अगरतला : त्रिपुरा की चार नाबालिग लड़कियों समेत छह महिलाओं और लड़कियों को नेपाल में डांस बार में काम दिलाने के नाम पर कथित तौर पर तस्करी कर ले जाने की कोशिश को पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के पानीटंकी में नाकाम कर दिया गया। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने नेपाल सीमा पार करने से पहले सभी छह पीड़िताओं को रोककर सुरक्षित बचा लिया। उनके साथ मौजूद दो पुरुषों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, घटना बृहस्पतिवार शाम पानीटंकी के ओल्ड ब्रिज इलाके में हुई। एसएसबी की 41वीं बटालियन की ‘डी’ कंपनी की बॉर्डर इंटेलिजेंस टीम ने नियमित जांच के दौरान छह लड़कियों और दो पुरुषों के समूह को नेपाल की ओर जाते हुए रोका। पूछताछ के दौरान दोनों पुरुष छहों को अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कराने के संबंध में कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके। मानव तस्करी की आशंका होने पर एसएसबी की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, रानीडांगा स्थित सेक्टर मुख्यालय और ‘कोसी लोक मंच’ को सूचना दी गई। इसके बाद इंटेलिजेंस ब्यूरो समेत अन्य संबंधित एजेंसियों की मौजूदगी में संयुक्त पूछताछ की गई।
डांस बार में काम का दिया गया था झांसा
परामर्श के दौरान लड़कियों ने अधिकारियों को बताया कि उन्हें नेपाल में डांस शो में काम करने का वादा किया गया था। हालांकि, वे नेपाल में अपने वास्तविक गंतव्य, काम की जगह और वहां कितने समय तक रहना है, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं दे सकीं। इससे अधिकारियों को मानव तस्करी के संगठित प्रयास का संदेह हुआ। जांच में यह भी सामने आया कि सभी छह पीड़िताएं त्रिपुरा के अलग-अलग जिलों की रहने वाली हैं। अधिकारियों के अनुसार, पीड़िताओं में एक नाबालिग लड़की और एक महिला अपने त्रिपुरा स्थित घर से लापता थीं। मामले की जांच के साथ उनके परिवारों से संपर्क कर उन्हें सुरक्षित वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
नेपाल के डांस बार तक पहुंचाने का आरोप
अधिकारियों के मुताबिक, प्रारंभिक संयुक्त पूछताछ में आरोप सामने आया कि पश्चिम बंगाल के कूचबिहार निवासी ‘अन्ना’ और नेपाल के विराटनगर स्थित एक डांस बार के प्रबंधक ‘विक्की कौशिक’ कथित तौर पर लड़कियों को सीमा पार ले जाने की व्यवस्था में शामिल थे। आरोप है कि त्रिपुरा के निर्मल देबबर्मा और जलपाईगुड़ी के चिन्मय बसाक के माध्यम से लड़कियों को उक्त डांस बार तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही थी। अधिकारियों ने बताया कि नेपाल स्थित डांस बार के प्रबंधक पर लड़कियों से ग्राहकों के मनोरंजन के लिए डांस कराने और अन्य गतिविधियों में शामिल कराने का आरोप है। हालांकि, इन आरोपों की विस्तृत जांच अभी जारी है और सभी तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। एसएसबी ने पूछताछ और परामर्श के बाद छहों पीड़िताओं को कोसी लोक मंच के हवाले किया। इसके बाद संस्था ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए खरीबाड़ी थाने से संपर्क किया। दोनों संदिग्ध पुरुषों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं, जांच एजेंसियां कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं।
त्रिपुरा से लड़कियों को लाने की कड़ी की जांच
मामले में जांच का एक अहम पहलू यह है कि त्रिपुरा से लड़कियों को पश्चिम बंगाल के रास्ते नेपाल सीमा तक कैसे पहुंचाया गया। अधिकारियों को आशंका है कि रोजगार और डांस शो में काम दिलाने के नाम पर लड़कियों को पहले अपने प्रभाव में लिया गया और फिर उन्हें नेपाल भेजने की कोशिश की गई। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस मामले के पीछे कोई बड़ा मानव तस्करी नेटवर्क सक्रिय है और इसमें भर्ती करने, परिवहन की व्यवस्था करने तथा नेपाल में लड़कियों को काम पर लगाने वाले अन्य लोग भी शामिल हैं।
पानीटंकी सीमा पर लगातार निगरानी
दार्जिलिंग जिले का पानीटंकी भारत-नेपाल सीमा पर महत्वपूर्ण व्यापार और पारगमन केंद्र है। दोनों देशों के बीच आवाजाही के कारण यहां सीमा सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। अधिकारियों के अनुसार, मानव तस्करी की आशंका को देखते हुए एसएसबी द्वारा सीमा क्षेत्र में निगरानी और जागरूकता गतिविधियां भी संचालित की जाती हैं। हाल के दिनों में इसी सीमा क्षेत्र में नाबालिग लड़कियों को कथित तौर पर रोजगार का झांसा देकर नेपाल ले जाने के प्रयास सामने आए हैं। इससे सुरक्षा एजेंसियों के सामने सीमा पार मानव तस्करी रोकने की चुनौती और गंभीर हो गई है।अधिकारियों ने कहा कि बचाई गई छहों पीड़िताओं को आवश्यक परामर्श और सत्यापन के बाद आगे की सुरक्षा व्यवस्था के तहत रखा गया है। जांच पूरी होने के बाद उन्हें उनके परिवारों से मिलाने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पुलिस और अन्य एजेंसियां इस मामले में कथित तस्करी नेटवर्क की पूरी कड़ी तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।