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त्रिपुरा में 587 ग्राम समितियों के लिए हुआ शांतिपूर्ण मतदान

1,095 मतदान केंद्रों पर वोटिंग, 2,950 सीटों के लिए मैदान में 8,176 उम्मीदवार

Krishna Das Parth

अगरतला, 28 सितंबर। त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (टीटीएएडीसी) के तहत 587 ग्राम समितियों के चुनाव के लिए सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान जारी है। राज्य के छठी अनुसूची क्षेत्र में हो रहे इस चुनाव को लेकर आदिवासी इलाकों में मतदाताओं में उत्साह देखा जा रहा है। पारंपरिक परिधान पहने पुरुष और महिलाएं मतदान केंद्रों के बाहर कतार में खड़े होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करते नजर आए। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव अनुराग सेन के अनुसार, सभी जिलों में कुल 1,095 मतदान केंद्रों पर सुबह आठ बजे मतदान शुरू हुआ। उन्होंने बताया कि मतदान शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है और कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। चुनाव को देखते हुए मतदान केंद्रों और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

2,950 सीटों पर हो रहा मतदान

टीटीएएडीसी के अधिकार क्षेत्र में आने वाली 587 ग्राम समितियों में कुल 4,597 सीटें हैं। इनमें से 2,950 सीटों के लिए सोमवार को मतदान कराया जा रहा है। वहीं, 1,644 सीटों पर टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। एक सीट पर चुनाव प्रक्रिया के संबंध में अलग स्थिति है। इन चुनावों में टीएमपी, भाजपा, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), कांग्रेस और इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) सहित राज्य के प्रमुख राजनीतिक दलों ने उम्मीदवार उतारे हैं। कुल 8,176 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। चुनाव के दौरान विभिन्न दलों के बीच स्थानीय स्तर पर राजनीतिक मुकाबला देखने को मिल रहा है।

करीब 9.62 लाख मतदाताओं का नाम

चुनाव के लिए कुल मतदाताओं की संख्या 9,61,977 बताई गई है। हालांकि, निर्विरोध निर्वाचन वाली सीटों को देखते हुए सोमवार को वास्तव में मतदान करने वाले पात्र मतदाताओं की संख्या इससे कम रहने की संभावना है। राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए पर्याप्त मतदानकर्मियों और सुरक्षा बलों की तैनाती की है।

छठी अनुसूची क्षेत्र में ग्राम समितियों की अहम भूमिका

टीटीएएडीसी त्रिपुरा के आदिवासी बहुल क्षेत्रों के प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। छठी अनुसूची के तहत आने वाला यह क्षेत्र राज्य के करीब दो-तिहाई भौगोलिक हिस्से में फैला हुआ है। हालांकि, इन क्षेत्रों में रहने वाली आबादी मैदानी इलाकों की तुलना में कम है और यहां करीब 15 लाख लोग रहते हैं। ग्राम समितियां स्थानीय स्तर पर विकास और प्रशासन से जुड़े मुद्दों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसलिए इनका चुनाव आदिवासी क्षेत्रों में स्थानीय राजनीतिक प्रतिनिधित्व और विकास से जुड़े फैसलों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। सोमवार को मतदान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की सुविधा का भी ध्यान रखा जा रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलों में मतदान प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए आवश्यक व्यवस्था की है। अधिकारियों के अनुसार, अब तक मतदान शांतिपूर्ण बना हुआ है।

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