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टाउन बोरदावली में शोकाकुल परिवारों से मिले CM माणिक साहा, मदद का भरोसा

Krishna Das Parth

अगरतला : त्रिपुरा के मुख्यमंत्री और 8-टाउन बोरदावली विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. माणिक साहा ने शनिवार को अपने विधानसभा क्षेत्र में हाल ही में परिवार के सदस्यों को खोने वाले पांच पार्टी कार्यकर्ताओं के घर पहुंचकर शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने दिवंगतों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए परिवारों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने परिवार के सदस्यों से मुलाकात के दौरान उनके परिजनों की मृत्यु से जुड़ी परिस्थितियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि वह शोक की इस घड़ी में परिवारों के साथ खड़े हैं और उनकी व्यक्तिगत क्षति के प्रति संवेदना व्यक्त करने के लिए उनके घर पहुंचे हैं।

व्यस्तता के कारण पहले नहीं पहुंच सके थे

मीडिया से बातचीत में डॉ. साहा ने बताया कि ये सभी परिवार उनके विधानसभा क्षेत्र से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित लोगों के निधन के समय वह विभिन्न आधिकारिक व्यस्तताओं के कारण उनके घर नहीं जा सके थे। मुख्यमंत्री के अनुसार, उन्हें अक्सर दिल्ली और अन्य स्थानों की यात्रा करनी पड़ती है, जिसके कारण उस समय परिवारों से मुलाकात संभव नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि इन पांच परिवारों से मिलने का उद्देश्य उनके अपूरणीय नुकसान पर संवेदना व्यक्त करना और यह भरोसा दिलाना था कि वह इस कठिन समय में उनके साथ हैं।

पार्टी कार्यक्रम से मुलाकात का संबंध नहीं

जब मुख्यमंत्री से पूछा गया कि क्या इन परिवारों से उनकी मुलाकात किसी आगामी पार्टी कार्यक्रम से जुड़ी है, तो उन्होंने इससे इनकार किया। उन्होंने कहा कि दोनों बातें अलग-अलग हैं और परिवारों से मिलने का किसी पार्टी कार्यक्रम से संबंध नहीं है। उन्होंने पार्टी के आगामी कार्यक्रम के संबंध में कहा कि इसकी घोषणा पार्टी की ओर से समय आने पर की जाएगी और अभी इस संबंध में कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।

नियमित रूप से क्षेत्र का दौरा करते हैं

डॉ. साहा ने कहा कि अपने विधानसभा क्षेत्र में लोगों के घर जाना उनके लिए केवल किसी विशेष अवसर तक सीमित नहीं है। उन्होंने बताया कि वह नियमित रूप से क्षेत्र का दौरा करते रहते हैं और किसी व्यक्ति के निधन की जानकारी मिलने पर परिवार से मिलने का प्रयास करते हैं। उन्होंने हाल की एक घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से अपने एक पूर्व सहपाठी के निधन की जानकारी मिलने के बाद वह रामनगर नंबर-1 स्थित उनके घर भी गए थे। उनके अनुसार, उनके पूर्व सहपाठी पेशे से बाल रोग विशेषज्ञ थे और उनकी बेटी भी कभी उनकी छात्रा रही थीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दुख की घड़ी में परिवारों के साथ खड़ा होना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जहां तक संभव हो, वह शोकाकुल परिवारों की मदद करने और उनके साथ रहने का प्रयास करते हैं।

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