अगली लाइन में बैठे वे तीन युवा, जिन्हें दी गई फांसी। 
देश/विदेश

ईरान ने 19 साल के मशहूर रेसलर सहित 3 युवाओं को फांसी पर लटकाया

‘मोहारेबे’ यानी खुदा के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आरोप

Chandrabhal Ojha

तेहरान : अमेरिका-इजराइल के साथ जंग लड़ रहे ईरान से एक ऐसी खबर आई है, जिसे जानकार मुस्लिम कट्टरपंथी तो खुश होंगे, लेकिन शेष दुनिया इसे ईरान का पागलपन ही कहेगी।

ईरान ने अपने ही चमकते सितारे को मौत के घाट उतार दिया है। ईरान ने 19 साल के उभरते हुए अंतरराष्ट्रीय पहलवान (रेसलिंग स्टार) सालेह मोहम्मदी समेत 3 युवाओं को गुरुवार सुबह फांसी पर लटका दिया। इन पर ‘मोहारेबे’ यानी खुदा के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आरोप लगाया गया है। बताया गया कि इसी आरोप में उसके जैसे कई एथलीट कैद हैं, जिन पर मौत का खतरा मंडरा रहा है।

इस आरोप की सजा सिर्फ मौत

सालेह मोहम्मदी ईरान की कुश्ती परंपरा का एक उभरता हुआ चेहरा था लेकिन उनकी पहचान तब बदल गई जब उन पर ‘मोहारेबे’ यानी खुदा के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आरोप लगाया गया। ये ईरान का वो कानून है जिसमें सजा सिर्फ और सिर्फ मौत होती है। सालेह पर आरोप था कि 8 जनवरी को कोम शहर में इन तीनों ने तलवारों और चाकुओं से पुलिसकर्मियों पर हमला किया था, जबकि मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि ये बयान दबाव में लिए गए हैं।

मशहूर पहलवान नाविद अफकारी को भी दे दी थी फांसी

ईरान में खेल का अच्छा माहौल है। यहां के मशहूर खिलाड़ी युवाओं के लिए ‘आइकन’ होते हैं।जब कोई मशहूर खिलाड़ी सरकार के खिलाफ खड़ा होता है, तो उसका असर लाखों लोगों पर पड़ता है। सालेह मोहम्मदी की फांसी को इसी ‘असर’ को खत्म करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। इससे पहले भी ईरान ने मशहूर पहलवान नाविद अफकारी को फांसी देकर दुनिया को चौंका दिया था।

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