देश/विदेश

यह दुराचार के खिलाफ लड़ाई है : सीएम ममता

भवानीपुर में वोटर लिस्ट पर सख्ती, स्क्रूटिनी तेज करने के निर्देश

प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : दिल्ली दौरे से ठीक पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने विधानसभा क्षेत्र भवानीपुर में संगठन और वोटर लिस्ट के काम को लेकर सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार शाम कालीघाट स्थित अपने आवास पर उन्होंने पार्टी के काउंसिलरों और बीएलए-2 स्तर के नेताओं के साथ एक आपात बैठक की। करीब 40 मिनट तक चली इस 'बंद दरवाज़े' की बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता फिरहाद हकीम, सुब्रत बख्शी, देवाशीष कुमार और असीम बोस मौजूद थे। SIR प्रक्रिया के दौरान खसड़ा सूची से बड़ी संख्या में नाम हटने और जनसंपर्क में कमी को लेकर काउंसिलरों की भूमिका से वह बिल्कुल संतुष्ट नहीं हैं—यह बात बैठक में साफ तौर पर सामने आई।

काउंसिलरों की भूमिका से सीएम नाराज

सूत्रों के अनुसार, ममता बनर्जी ने काउंसिलरों को फटकार लगाते हुए कहा कि उन्हें जानकारी मिल रही है कि इलाकों में ठीक से काम नहीं हो रहा। भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में खसड़ा वोटर लिस्ट से लगभग 45 हजार मतदाताओं के नाम कटने पर उन्होंने नाराजगी जताई। एसआईआर प्रक्रिया के अंतिम चरण में भी आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति में मुख्यमंत्री ने साफ निर्देश दिया कि आने वाले कुछ दिनों तक दिन-रात मेहनत करनी होगी। हर मतदाता के घर-घर जाकर संपर्क करना होगा और स्क्रूटिनी यानी जांच के काम में और अधिक जोर देना होगा।

लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी पर एक्शन

ममता बनर्जी ने इस चुनाव को 'दुराचार के खिलाफ लड़ाई' करार दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी की सुनवाई के लिए बुलाए गए लोगों और जिनके नाम अंतिम सूची से हटाए जाएंगे, उनकी एक पूर्ण सूची तुरंत उनके पास जमा की जाए। खास तौर पर उन्होंने 63 और 72 नंबर वार्ड में संगठनात्मक काम और तेज करने को कहा है। वहीं, 77 नंबर वार्ड में जानबूझकर बड़ी संख्या में वोटरों के नाम हटाए जाने के आरोप पर संबंधित नेतृत्व को चेतावनी दी है।

रोजाना रिपोर्ट देने का निर्देश

काम की रफ्तार बढ़ाने और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री ने अब रोज़ाना रिपोर्ट तलब करने का निर्देश दिया है। सभी काउंसिलरों को प्रतिदिन की कार्य रिपोर्ट फिरहाद हकीम और देवाशीष कुमार को सौंपनी होगी, जिसे फिरहाद हकीम सीधे ममता बनर्जी तक पहुंचाएंगे। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली रवाना होने से पहले अपने क्षेत्र में संगठन को मज़बूत करने और वोटर लिस्ट में किसी भी गड़बड़ी को रोकने के लिए ममता बनर्जी ने यह सख्त कदम उठाया है।ममता बनर्जी ने इस चुनाव को 'दुराचार के खिलाफ लड़ाई' करार दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी की सुनवाई के लिए बुलाए गए लोगों और जिनके नाम अंतिम सूची से हटाए जाएंगे, उनकी एक पूर्ण सूची तुरंत उनके पास जमा की जाए। खास तौर पर उन्होंने 63 और 72 नंबर वार्ड में संगठनात्मक काम और तेज करने को कहा है। वहीं, 77 नंबर वार्ड में जानबूझकर बड़ी संख्या में वोटरों के नाम हटाए जाने के आरोप पर संबंधित नेतृत्व को चेतावनी दी है।

रोजाना रिपोर्ट देने का निर्देश

काम की रफ्तार बढ़ाने और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री ने अब रोज़ाना रिपोर्ट तलब करने का निर्देश दिया है। सभी काउंसिलरों को प्रतिदिन की कार्य रिपोर्ट फिरहाद हकीम और देवाशीष कुमार को सौंपनी होगी, जिसे फिरहाद हकीम सीधे ममता बनर्जी तक पहुंचाएंगे। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली रवाना होने से पहले अपने क्षेत्र में संगठन को मज़बूत करने और वोटर लिस्ट में किसी भी गड़बड़ी को रोकने के लिए ममता बनर्जी ने यह सख्त कदम उठाया है।

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