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जैसलमेर में 27 फरवरी को ‘वायुशक्ति’ युद्धाभ्यास, 100 से ज्यादा विमान होंगे शामिल

भारतीय वायुसेना इस महीने पाकिस्तान सीमा के पास राजस्थान के जैसलमेर में बड़ा युद्धाभ्यास करने जा रही है।

अंजलि भाटिया

नई दिल्ली : भारतीय वायुसेना इस महीने पाकिस्तान सीमा के पास राजस्थान के जैसलमेर में बड़ा युद्धाभ्यास करने जा रही है। यह एक्सरसाइज ‘वायुशक्ति’ के नाम से 27 फरवरी को आयोजित होगी। वायुसेना के इस अभ्यास को ऑपरेशन सिंदूर के बाद बेहद अहम माना जा रहा है। इस बार युद्धाभ्यास की खास बात यह है कि इसमें विदेशी मेहमान और मित्र देशों के अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि करीब 40 विदेशी प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे और भारतीय वायुसेना की रणनीति तथा ताकत को करीब से देखेंगे।

वायुसेना के वेस्टर्न और साउथ वेस्टर्न कमांड के कई एयरबेस इस दौरान पूरी तरह सक्रिय रहेंगे। इस युद्धाभ्यास में 100 से ज्यादा एयरक्राफ्ट हिस्सा लेंगे। इसमें अत्याधुनिक फाइटर जेट राफेल, सुखोई-30, तेजस, मिग-29, जगुआर और मिराज-2000 शामिल होंगे। इसके अलावा प्रचंड अटैक हेलिकॉप्टर भी अभ्यास में भाग लेगा। इस बार एक्सरसाइज में आधुनिक युद्ध तकनीकों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। वायुसेना लाइटिंग एम्युनिशन के साथ युद्धाभ्यास करेगी। इसके साथ ही पहली बार C-295 विमान से नाइट असॉल्ट लैंडिंग ड्रिल दिखाई जाएगी। वहीं C-130J सुपर हरक्यूलिस छोटे रनवे पर उतरकर कमांडो को युद्ध क्षेत्र में उतारने का अभ्यास करेगा।

वायुसेना ने युद्धाभ्यास को लेकर NOTAM (नोटिस टू एयरमेन) जारी कर दिया है। सुरक्षा के लिहाज से एयर डिफेंस सिस्टम की कई परतें तैयार की गई हैं और पूरे क्षेत्र में कड़ी निगरानी रखी जाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार ‘वायुशक्ति’ अभ्यास भारत की सैन्य तैयारियों और वायुसेना की बढ़ती ताकत का बड़ा संदेश है।

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