अमेरिकी युद्धपोत त्रिपोली की फाइल फोटो 
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इजराइल-ईरान संघर्ष : अमेरिका ने अपने तीन युद्ध पोत भेजे, मकसद-खार्ग आइलैंड पर कब्जा

चट्टानों में दबे करीब 950 पाउंड संबर्धित यूरेनियम को निकालने की भी तैयारी

वॉशिंगटन डीसी : इजराइल-ईरान संघर्ष में अपने सहयाेगी नाटो देशों के साथ देने से पीछे हटने के बावजूद अमेरिका अब खुल कर खेलने के मूड में है। एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका 3 अपने युद्ध पोतों के साथ अमेरिकी सैनिक मध्य पूर्व में तैनात करने जा रहा है। मध्य पूर्व भेजे जा रहे तीनों युद्ध पोतों में त्रिपोली, सैन डिएगो, न्यू ऑरलियंस का नाम सामने आया है। जिन पर करीब 2200 सैनिक तैनात हैं। ये सभी सैनिक 31वें समुद्री अभियान दल का हिस्सा हैं, जो तुरंत एक्‍शन में आने को तैयार माने जाते हैं।

ट्रंप की असली मंशा : रिपोर्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की असली मंशा सामने आई है। अमेरिकी वेबसाइट एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रम्प सरकार ईरान के खार्ग द्वीप पर कब्जा चाहते हैं। बताया गया कि खार्ग द्वीप ईरान के तट से करीब 15 मील दूर है और यहीं से उसके करीब 90 प्रतिशत कच्चे तेल का निर्यात होता है। इसलिए अगर अमेरिका इस द्वीप को अपने नियंत्रण में लेता है या वहां नाकाबंदी करता है, तो वह ईरान पर होर्मुज को खोलने का दबाव बना सकता है।

अमेरिकी सैनिकों को भेजने की वजह : बताया जा रहा है कि अमेरिका ने बीते वर्ष 21-22 जून की रात चट्टानों से घिरे ईरान के फोर्डो, नतान्ज और इस्फहान परमाणु केंद्रों पर बमबारी कर उन्हें तबाह कर दिया था। बताया जा रहा है कि इन्हीं चट्टानों के नीचे करीब 950 पाउंड संबर्धित यूरेनियम दबा हुआ है। जिसे सुरक्षित करने के लिए जमीन पर सैनिक भेजने की जरूरत पड़ेगी। यह भी एक वजह है कि अमेरिका अपने तीन युद्ध पोतों के साथ इतनी संख्या में अमेरिकी सैनिकों को जंग के मैदान में उतार रहा है।

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