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रेलवे में सालभर चलेगा सुधार अभियान, 52 हफ्तों में लागू होंगे 52 बड़े सुधार

रेलवे को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और यात्री-केंद्रित बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने इस साल बड़े सुधारों की रूपरेखा तय कर ली है।

अंजलि भाटिया

नई दिल्ली : रेलवे को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और यात्री-केंद्रित बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने इस साल बड़े सुधारों की रूपरेखा तय कर ली है। केंद्रीय राज्य मंत्री वी. सोमन्ना और रवनीत सिंह बिट्टू के साथ वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों की मौजूदगी में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया कि 2026 के दौरान रेलवे में 52 बड़े सुधार लागू किए जाएंगे, यानी हर सप्ताह एक सुधार।

बैठक में कहा गया कि इन सुधारों का मकसद रेलवे की सेवाओं को व्यवस्थित ढंग से बेहतर बनाना और यात्रियों को सुविधाजनक, सुरक्षित व भरोसेमंद यात्रा अनुभव देना है। इसके लिए सबसे ज्यादा जोर सुरक्षा पर दिया जाएगा। ट्रैक, सिग्नलिंग और ट्रेनों के संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जाएगा, ताकि हादसों की आशंका को न्यूनतम किया जा सके।

रेलवे सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीक के व्यापक इस्तेमाल पर भी सहमति बनी। इससे ट्रेनों की समय-पालन व्यवस्था सुधरेगी, रखरखाव अधिक सटीक होगा और यात्रियों को रियल-टाइम जानकारी मिल सकेगी। टिकटिंग से लेकर शिकायत निवारण तक, तकनीक के जरिए सेवाओं को तेज और पारदर्शी बनाने की योजना है।

इसके साथ ही रेलवे के मानव संसाधन ढांचे में सुधार पर भी फोकस किया जाएगा। कर्मचारियों की भर्ती, प्रशिक्षण और कौशल विकास को नए सिरे से व्यवस्थित किया जाएगा, ताकि एक अधिक प्रशिक्षित और दक्ष कार्यबल तैयार हो सके। अधिकारियों का मानना है कि बेहतर प्रशिक्षित कर्मचारी ही बेहतर सेवाओं की नींव होते हैं।

यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए खानपान और कैटरिंग सेवाओं में भी बड़े बदलाव किए जाएंगे। ट्रेनों और स्टेशनों पर मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और विकल्पों को सुधारने पर खास ध्यान दिया जाएगा।

रेल मंत्रालय का कहना है कि इन सुधारों से रेलवे न सिर्फ तकनीकी रूप से मजबूत होगा, बल्कि यात्रियों का भरोसा भी बढ़ेगा। कुल मिलाकर, यह सुधार पैकेज रेलवे को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप ढालने और उसे एक आधुनिक परिवहन प्रणाली बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा

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