सर्जना शर्मा
नयी दिल्ली : वाणिज्य संबंधी विभागीय संसदीय स्थायी समिति भारत–अमेरिका व्यापार संबंधों के मूल्यांकन के लिए 6 से 8 जनवरी तक विशाखापत्तनम, चेन्नई और कोयंबटूर के अध्ययन दौरे पर है।दक्षिण भारत के इस दौरे में समिति विभिन्न क्षेत्रों पर बढ़ी हुई अमेरिकी शुल्क दरों (टैरिफ) के प्रभाव तथा उनके बुरे प्रभावों को कम करने के लिए वित्तीय संस्थानों, केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा किए जा रहे उपायों का आकलन करेगी।
विशाखापत्तनम में समिति ने मंगलवार को भारतीय समुद्री क्षेत्र पर विशेष ध्यान देते हुए हितधारकों एवं राज्य सरकार के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। समिति ने मत्स्य पालन, निर्यात परिषदों तथा वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की और मछली पकड़ने बंदरगाह तथा रामकृष्णा बीच के समीप समुद्र में स्थित सी-केज का भी दौरा किया। बुधवार को जनवरी को समिति चेन्नई जा रही है , जहां वह ऑटोमोबाइल एवं चमड़ा (लेदर) क्षेत्रों पर अमेरिकी शुल्कों के प्रभाव के संबंध में उद्योग प्रतिनिधियों और सरकारी अधिकारियों के साथ चर्चा करेगी।
बृहस्पतिवार 8 जनवरी को समिति कोयंबटूर का दौरा करेगी, जहां वह वस्त्र एवं परिधान (टेक्सटाइल एवं अपैरल) क्षेत्र के बारे में भारत–अमेरिका व्यापार संबंधों का मूल्यांकन करेगी तथा टेक्सटाइल एवं अपैरल निर्माताओं, निर्यातकों और एईपीसी एवं सीआईटीआई जैसे औद्योगिक निकायों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेगी। तीन दिन के दौरे में वाणिज्य विभाग, डीपीआईआईटी, वस्त्र मंत्रालय तथा एमएसएमई मंत्रालय के अधिकारी भी अपने-अपने विषयों से संबंधित बैठकों में उपस्थित रहेंगे।समिति का यह दौरा विभिन्न क्षेत्रों की चुनौतियों एवं उनकी चिंताओं को समझने के साथ-साथ विदेशों में निर्यात बढ़ाने के उपायों की तलाश करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है ।