दुबई : तेल अवीव जा रहे फ्लाईदुबई विमान के कॉकपिट में हुए हमले की जांच कर रही एजेंसियां ओमानी सह-पायलट हम्माम अल-हमामी के कथित मकसद का पता लगाने में जुटी हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, पूछताछ में अल-हमामी ने कथित तौर पर कहा कि उसकी कार्रवाई गाजा युद्ध से जुड़ी थी और वह ‘शहीद’ होना चाहता था। हालांकि, यूएई के अधिकारियों ने इन दावों की सार्वजनिक रूप से पुष्टि नहीं की है। 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड-1073 में सह-पायलट ने भारतीय कप्तान स्मित मछार पर कथित तौर पर कॉकपिट की कुल्हाड़ी से हमला किया और विमान पर कब्जे कोशिश की। विमान करीब 34 हजार फुट की ऊंचाई से लगभग 90 सेकंड में 16,600 फुट तक नीचे आ गया था। गंभीर रूप से घायल मछार ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने सह-पायलट को काबू किया। विमान में सवार दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने नियंत्रण संभाला और उड़ान को सऊदी अरब के तबूक ले जाया गया, जहां सुरक्षित लैंडिंग हुई। यूएई ने घटना को संदिग्ध ‘आतंकी कृत्य’ बताया है। ईरान की कथित भूमिका के दावे भी सामने आए हैं, लेकिन फिलहाल इसका कोई सार्वजनिक प्रमाण नहीं है।