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सदन हुआ भावुक गिले शिकवे भी किए , दिल की बात भी रखी

ये दिन बहुत भावकु होता है भूल चूक लेनी देनी होती है । लेकिन साथ ही मन को कभी चुभ गयी बातें , मान अपमान, प्यार तकरार के लम्हे , जाने अंजाने में दिल दुखा देने के लिए माफी मांगी जाती है।

राज्यसभा में हर दो साल बाद उन सांसदों को विदाई दी जाती है जिनका 6 साल का कार्यकाल पूरा हो जाता है। विदाई के दिन सदन की सामान्य कार्यवाही नहीं चलती, सभापति , उप सभापति , नेता प्रतिपक्ष , नेता सदन , सभी दलों के फ्लोर लीडर और विदा हो रहे सांसदों के भाषण होते हैं । ये दिन बहुत भावकु होता है भूल चूक लेनी देनी होती है । लेकिन साथ ही मन को कभी चुभ गयी बातें , मान अपमान, प्यार तकरार के लम्हे , जाने अंजाने में दिल दुखा देने के लिए माफी मांगी जाती है। इस बार 18 मार्च बुधवार को राज्यसभा में ऐसा ही दिन था। बुधवार की विदाई आम विदाई से कुछ खास थी क्योंकि उप सभापति हरिवंश नारायण और नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का भी कार्यकाल पूरा हो रहा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में रहे उन्होंने उप सभापति की उनके व्यवहार और कुशल सदन संचालन के लिए तारीफ की। अपने विदाई भाषण में मोदी ने अनेक पहलू छुए कहा कि राजनीति में कभी फुल स्टॉप नहीं होता राज्यसभा की ओपन युनिवर्सिटी से प्राप्त ज्ञान राष्ट्र हित में काम आएगा। रामदास अठावले को उनके हास्य विनोद के लिए सराहते हुए कहा कि सदन में आजकल हास्य विनोद कम हो गया है।

हरिवंश नारायण की सबने तारीफ की यहां तक कि मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी जो हमेशा इस बात से नाराज रहते हैं कि सभापति और उप सभापति विपक्ष को समय नहीं देते उनकी सुनते नहीं है। खड़गे ने कहा हरिवंश शालीन और शिष्ट हैं सभ्य व्यवहार है सभ्यता से काम करने वाले उप सभापति रहे। हरिवंश नारायण ने भी अपने भाषण में खड़गे की दिल खोल कर ताऱीफ की कहा सदन में उनके साथ बैठने का सुअवसर मिला उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला। हरिवंश ने कहा कि खड़गे ने जो उनके लिए कहा वो अमूल्य है। हरिवंश ने सबको सहयोग के लिए धन्यवाद दिया लेकिन जाते जाते मन की पीड़ा कह ही गए कि आजकल सदन चलाने से पहले सदन को कंट्रोल करना पड़ता है। उन्होंने कहा इस पर सोचने की ज़रूरत है।

मल्लिकार्जुन खड़गे का विदाई भाषण खट्टा मीठा था नेता प्रतिपक्ष होने के नाते लंबा संसदीय अनुभव होने के नाते बहुत कुछ कह दिया। खड़गे सदन में अक्सर शेरो शायरी करते है बुधवार को भी उन्होंने भाषण की शुरुआत शेर से की --- कहां से शुरू करूं कुछ समझ नहीं आता विदाई के जिक्र से दिल भर आता है। अपने भाषणों के अंश हटाए जाने पर कड़ी आपत्ति जतायी कि 55 साल के संसदीय जीवन के बाद उनको संसदीय और असंसदीय शब्द किसी से सीखने की ज़रूरत नहीं है। जनता दल सेकुलर के सांसद और पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा से तो खड़गे अपना हिसाब किताब पूरा करना चाहते थे कहा कि – देवेगौड़ा जी ने प्रेम हमसे किया लेकिन शादी मोदी जी से कर ली। देवगौड़ा उस समय सदन में नहीं थे लेकिन उन्होंने एक्स पर पोस्ट करके खड़गे को जवाब दिया – मैं एक जबरन शादी में था मुझे बुरे व्यवहार के कारण तलाक लेना पड़ा।

खड़गे की वैसे तो राज्यसभा में वापसी तय है लेकिन उन्होंने सदन में बैठे प्रधानमंत्री मोदी को कुछ सुझाव भी दिए मसलन – संसद के सत्रों की अवधि लंबी होनी चाहिए , ताकि गरीब कमजोर तबकों के मुद्दे हम उठा सके और जो भी विषय हम रखें उसको सरकार अपनी आलोचना न समझें। राज्यसभा के नियमों की समीक्षा समय समय पर की जाए इसके लिए कमेटी बनायी जाए। समापन भी उन्होंने शेरो शायरी से ही किया –विदायी तो है दस्तूर पुराना जमाने का , जहां भी जाना अपनी छाप ऐसी छोड़ जाना, गुनगुनाए जमाना तुम्हारा तराना।

हर दिल अजीज प्रियंका चतुर्वेदी, विछुड जाएगी जया—प्रियंका की जोड़ी

सबके भाषण में जिनका नाम सबसे ज्यादा आया वो थीं शिव सेना उद्धव ठाकरे की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी। सबने उनके व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं की तारीफ की यहां तक कि उप सभापति ने भी सदन में उनकी सक्रियता मुद्दे उठाना प्रश्न पूछना आदि की तारीफ की। केरल से सीपीएम सांसद जॉन ब्रिटा ने कहा अब अखबारों के पेज थ्री का क्या होगा बहुत सारे फोटोग्राफर बेरोजगार हो जायेंगे। उनकी साडियों और ड्रेस सेंस की तारीफ की। प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि जल्द ही लौट कर आयेंगी फोटोग्राफर निराश न हों ये तो बस एक छोटा सा ब्रेक है।

सदन और मीडिया गैलरी को उनकी कमी अखरेगी सदन में उनकी समाजवादी पार्टी सांसद जया बच्चन से दोस्ती बहुत मशहूर है। सभी सांसदों को सीट आवंटित की जाती है और सांसदों को अपनी अपनी सीट पर बैठना होता है। प्रियंका चतुर्वेदी जया बच्चन के सदन में आते ही उनकी सीट पर जाकर बैठ जाती थीं दोनों आपस में बहुत सारी बातें करती रहतीं। पूर्व सभापति जगदीप धनखड़ ने तो कई बार स्कूल टीचर की तरह प्रियंका चतुर्वेदी को टोका कि आप अपनी सीट पर जाएं। सदन में एक बार तो जया बच्चन जब गुस्से में भाषण दे रही थीं तो अपनी बगल में बैठी प्रियंका को कहा कि अब तुम मुजे मत रोकना बोलने देना। ये बहुत वायरल हुआ था। जया- प्रियंका की जोडी सब जगह साथ साथ दिखती थी सदन में गलियारे में कैंटीन में एक साथ खाना पीना। यदि सबसे ज्यादा उनको कोई मिस करेगा तो वो हैं जया बच्चन।

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