नवी मुंबई एयरपोर्ट से दवाओं का होगा आयात 
देश/विदेश

सरकार ने नियमों में संशोधन कर नवी मुंबई एयरपोर्ट से दवाओं के आयात का रास्ता खोला

सरकार के फैसले से दवा कंपनियों को वैकल्पिक आयात मार्ग, लॉजिस्टिक लागत में कमी और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती मिलने की उम्मीद

दवाओं के आयात का नया गेटवे: नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मिली केंद्र की मंजूरी

अब महाराष्ट्र के नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से भी विदेशों से आने वाली दवाओं का आयात किया जा सकेगा। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने हाल ही में शुरू हुए इस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को दवाओं के आयात के लिए अपनी आधिकारिक हरी झंडी दे दी है।

केंद्र सरकार के इस फैसले को देश की फार्मास्युटिकल सप्लाई चेन (दवा आपूर्ति श्रृंखला) को और अधिक मजबूत और तेज बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। इससे न केवल विदेशों से जीवनरक्षक और जरूरी दवाओं को भारत मंगाना बेहद आसान हो जाएगा, बल्कि फार्मा सेक्टर में लॉजिस्टिक्स की लागत और समय में भी भारी कमी आएगी, जिससे व्यापार को एक नई रफ्तार मिलेगी।

'ड्रग्स रूल्स' में संशोधन: आधिकारिक सूची में शामिल हुआ नवी मुंबई

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, इस व्यवस्था को अमलीजामा पहनाने के लिए केंद्र सरकार ने 'ड्रग्स रूल्स, 1945' के नियम 43A में बाकायदा आवश्यक संशोधन किया है। कानूनी नियमों में किए गए इस महत्वपूर्ण बदलाव के बाद, अब नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम भी देश के उन चुनिंदा और विशेष हवाई अड्डों की सूची में जुड़ गया है, जिन्हें विदेशों से दवाओं का सुरक्षित और वैध आयात करने की कानूनी मंजूरी मिली हुई है।

सलाहकार बोर्ड की हरी झंडी के बाद जारी हुआ आधिकारिक नोटिफिकेशन

स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह महत्वपूर्ण अधिसूचना 'ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940' के कानूनी प्रावधानों के तहत जारी की गई है। इस बड़े फैसले को अमलीजामा पहनाने से पहले सरकार ने देश की सर्वोच्च तकनीकी संस्था 'ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड' के साथ गहन विचार-विमर्श किया। बोर्ड से उचित परामर्श और मंजूरी मिलने के बाद ही नियमों में यह बदलाव लागू किया गया है, ताकि आयात प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और मानकों के अनुरूप रहे।

फार्मा हब को नई रफ्तार और मरीजों को सीधी राहत

इस रणनीतिक कदम का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि दवाओं और उनके कच्चे माल के परिवहन (लॉजिस्टिक्स) में लगने वाले समय और लागत में भारी कटौती होगी। मुंबई और इसके आस-पास के इलाके पहले से ही देश के प्रमुख फार्मा हब माने जाते हैं; ऐसे में इस नए रूट के खुलने से दवा निर्माता कंपनियों के लिए विदेशों से जरूरी कच्चा माल और जीवनरक्षक दवाएं मंगाना बेहद सुगम हो जाएगा।

इस व्यवस्था से जहां एक तरफ देश की दवा आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) को जबरदस्त मजबूती मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ बाजार में दवाओं की उपलब्धता हमेशा बनी रहेगी। व्यापार में होने वाली इस सुगमता और कम लागत का सीधा फायदा अंततः आम मरीजों को मिलेगा, क्योंकि उन तक समय पर और किफायती दामों में दवाएं पहुंच सकेंगी।

SCROLL FOR NEXT