नयी दिल्ली : वैसे टीवी को बुद्धु बक्सा कहा जाता है माना जाता है अब शहरी लोग टीवी से दूरी बना कर रखते हैं। लेकिन आईआईएम अहमदाबाद की एक विशेष अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2029 तक टीवी दर्शकों की संख्या एक अरब तक पहुंच जाएगी। टीवी दर्शकों की संख्या में प्रति वर्ष 2 से 3 फीसदी की स्थिर दर से वृद्धि जारी रहेगी।
भारत के बढ़ते आर्थिक विकास, जिसमें बढ़ती डिस्पोजेबल आय और साक्षरता दर शामिल है, का देश भर में कंटेंट की खपत और टेलीविजन परिदृश्य पर व्यापक प्रभाव पड़ रहा है।आईआईएम अहमदाबाद ने अपनी भारत में टीवी का भविष्य नामक विश्लेषण अध्ययन रिपोर्ट में ये बताया है। इस अवधि में ग्रामीण और कम आय वाले राज्यों में आय बढ़ने के साथ ही टीवी दर्शकों की संख्या में तेजी से वृद्धि और विस्तार की उम्मीद है, क्योंकि उनकी आय का स्तर उच्च आय वाले राज्यों के वर्तमान स्तर के करीब पहुंच रही होगी।
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट अहमदाबाद (आईआईएम ) के प्रोफेसर विश्वनाथ पिंगली (अर्थशास्त्र) और अंकुर सिन्हा (संचालन व निर्णय विज्ञान) द्वारा लिखित भारत में टीवी का भविष्य नामक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। आईआईएम अहमदाबाद के सेंटर फॉर डेटा साइंस एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (सीडीएसए ) द्वारा समर्थित इस रिपोर्ट में निरंतर विकास के एक चरण का अनुमान लगाया गया है, जो बेहतर सामाजिक-आर्थिक संकेतकों और बढ़ती इंटरनेट पहुंच के बल पर भारत के टेलीविजन दर्शकों को वर्ष 2029 तक एक अरब तक पहुंचा देगा।