अंजलि भाटिया
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि बजट सत्र के पहले सप्ताह में संसद में जो कुछ हुआ, वह न केवल अभूतपूर्व था बल्कि लोकतंत्र के खिलाफ भी था। शुक्रवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए राहुल गांधी ने देशवासियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा,
“मेरे प्यारे देशवासियों, इस हफ्ते संसद में ऐसा हुआ जो पहले कभी नहीं हुआ। यह पूरी तरह अलोकतांत्रिक था। जब मैंने एक गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी की जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठाया, तो मुझे बोलने तक नहीं दिया गया।”
उन्होंने आगे कहा कि पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की किताब में कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जो एक चिंताजनक सच्चाई बताते हैं। राहुल गांधी के अनुसार, जब चीन भारत पर दबाव बना रहा था, उस समय प्रधानमंत्री ने सेना के साथ मजबूती से खड़े होकर समर्थन नहीं दिया।
राहुल गांधी ने कहा कि इसी वजह से संसद में बहस को रोका गया और आवाज़ों को दबाया गया।
उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा,
“यह सरकार डर के आधार पर चल रही है । जवाबदेही से डरती है और सच्चाई से भी। देश को जवाब चाहिए और उसे ऐसी संसद चाहिए जहां लोगों को खुलकर बोलने की आज़ादी हो।”