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उत्तर एवं मध्य अंडमान के उपायुक्त ने हरिनगर की जर्जर सड़क का किया निरीक्षण

शीघ्र समाधान का दिया आश्वासन

सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : हरिनगर गांव के वार्ड संख्या-06 के निवासियों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं पर त्वरित और सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए उत्तर एवं मध्य अंडमान के उपायुक्त डॉ. सुशांत पढ़ा ने 15 मई को दोपहर लगभग 3:30 बजे हरिनगर गांव की अत्यधिक क्षतिग्रस्त सड़क का व्यक्तिगत रूप से स्थल निरीक्षण किया। यह दौरा 14 मई को ग्रामीणों द्वारा उपायुक्त कार्यालय में संयुक्त रूप से प्रस्तुत किए गए ज्ञापन के बाद किया गया। ज्ञापन में ग्रामीणों ने सड़क की अत्यंत खराब स्थिति तथा स्थानीय लोगों को प्रतिदिन होने वाली परेशानियों से प्रशासन को अवगत कराया था। ज्ञापन में यह भी चेतावनी दी गई थी कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर समस्या का समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीण पुनः आंदोलन, सड़क अवरोध और भूख हड़ताल शुरू करेंगे। गौरतलब है कि हरिनगर के निवासियों ने इससे पहले भी कई अवसरों पर प्रशासन को सड़क की बिगड़ती स्थिति के संबंध में ज्ञापन, सड़क अवरोध और महिलाओं, बच्चों तथा अन्य स्थानीय लोगों के साथ सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन के माध्यम से अवगत कराया था, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया था। अपने आश्वासन के अनुरूप डॉ. सुशांत पढ़ा ने ज्ञापन प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर ही स्थल का दौरा किया। उपायुक्त के साथ अंडमान लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता (एई) और कनिष्ठ अभियंता (जेई) के अलावा संबंधित क्षेत्र के राजस्व निरीक्षक तथा पटवारी भी मौजूद थे, ताकि समस्या का व्यापक और मौके पर ही आकलन किया जा सके। निरीक्षण के दौरान डॉ. पढ़ा ने भूस्खलन प्रभावित सड़क क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण किया तथा संबंधित सहायक अभियंता से विस्तृत चर्चा की। सहायक अभियंता ने उपायुक्त को बताया कि भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में गैबियन दीवार निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार कर अंडमान लोक निर्माण विभाग के उच्च अधिकारियों को तत्काल स्वीकृति और कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है।

उपायुक्त ने आगे निर्देश दिए कि मिट्टी के कटाव और भविष्य में भूस्खलन की संभावना को रोकने के लिए मनरेगा श्रमिकों के माध्यम से क्षेत्र की नालियों की सफाई को प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। उन्होंने क्षेत्र के राजस्व निरीक्षक और पटवारी को भी स्थिति पर निरंतर निगरानी रखने तथा आवश्यक कार्रवाई करने के मौखिक निर्देश दिए। एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक हस्तक्षेप करते हुए डॉ. पढ़ा ने संबंधित सहायक अभियंता को निर्देश दिया कि सड़क मरम्मत कार्य में किसी प्रकार की देरी न करते हुए तत्काल कार्य शुरू किया जाए तथा लगभग 400 मीटर लंबे ऐसे हिस्से के लिए एक नया प्रस्ताव तैयार किया जाए, जो बार-बार भूस्खलन, जल निकासी व्यवस्था की कमी और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण क्षतिग्रस्त हो रहा है। ग्रामीणों को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने उनसे धैर्य बनाए रखने की अपील की और विश्वास के साथ कहा, “मैं इसे पूरा करूंगा। उपायुक्त के सकारात्मक और संवेदनशील रवैये से ग्रामीणों ने राहत महसूस की और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने डॉ. सुशांत पढ़ा द्वारा व्यक्तिगत रूप से स्थल का दौरा करने और लंबे समय से लंबित समस्या के समाधान के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की।


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