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एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि वापस लेने की मांग को लेकर 18 मार्च को प्रदर्शन करेगा सीपीआई (एम)

घरेलू व व्यावसायिक गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी पर कड़ा विरोध

मूल्यवृद्धि से मध्यम वर्ग और श्रमिक वर्ग पर बढ़ेगा आर्थिक बोझ

सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की अंडमान एवं निकोबार राज्य सचिवालय की बैठक 12 मार्च 2026 को शहीद भवन, अनारकली, श्री विजयापुरम में आयोजित की गई। बैठक में घरेलू तथा व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कीमतों में हाल में की गई भारी वृद्धि का कड़ा विरोध व्यक्त किया गया। बैठक में कहा गया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 60 रुपये की बढ़ोतरी अत्यंत कठोर कदम है और इससे उज्ज्वला योजना के गरीब लाभार्थी भी प्रभावित होंगे। वहीं व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कीमत में 115 रुपये की वृद्धि का बोझ अंततः उपभोक्ताओं पर ही डाला जाएगा। इन दोनों प्रकार की मूल्यवृद्धि से पहले से ही लगातार बढ़ती महंगाई से जूझ रहे मध्यम वर्ग और श्रमिक वर्ग पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। सीपीआई (एम) राज्य सचिवालय ने निर्णय लिया है कि एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में की गई बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग को लेकर 18 मार्च 2026 (बुधवार) को पूरे द्वीपसमूह में बड़े पैमाने पर जन प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। श्री विजयापुरम में यह प्रदर्शन शाम 4 बजे एबरडीन बाजार स्थित नगर परिषद मुख्यालय के सामने आयोजित किया जाएगा। इस प्रदर्शन के दौरान बिजली कटौती और पेयजल आपूर्ति में की जा रही कटौती के मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। बैठक में यह भी कहा गया कि द्वीपों के लोगों और विद्यार्थियों के कड़े विरोध के बावजूद भाजपा सरकार ने अंडमान एवं निकोबार के कॉलेजों की संबद्धता पांडिचेरी विश्वविद्यालय से जारी रखने से इनकार कर दिया है। इसके स्थान पर कॉलेजों को नव स्थापित डीम्ड विश्वविद्यालय से संबद्ध करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में सांसद बिष्णु पद रे की भूमिका की आलोचना करते हुए कहा गया कि उन्होंने हमेशा द्वीपों में डीम्ड विश्वविद्यालय की स्थापना का समर्थन किया है। बैठक में यह भी कहा गया कि पांडिचेरी विश्वविद्यालय से संबद्धता बनाए रखने की मांग करने के बजाय सांसद अब केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग कर रहे हैं, जिसे पूरा होने में काफी समय लग सकता है। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि कॉलेजों को डीम्ड विश्वविद्यालय से संबद्ध करने के केंद्र सरकार के निर्णय के खिलाफ आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों और संगठनों के साथ एकजुटता व्यक्त की जाएगी। साथ ही भारत सरकार के शिक्षा मंत्री से संपर्क कर इस निर्णय पर पुनर्विचार करने और द्वीपों के कॉलेजों की पांडिचेरी विश्वविद्यालय से संबद्धता जारी रखने का आग्रह किया जाएगा। इस मामले में मुख्यभूमि के अन्य राज्यों के सीपीआई (एम) सांसदों का सहयोग भी लिया जाएगा। बैठक में द्वीपों के विभिन्न क्षेत्रों में एलपीजी सिलेंडरों की कमी पर भी चिंता व्यक्त की गई और निर्णय लिया गया कि इस विषय को भारत सरकार के पेट्रोलियम मंत्री के समक्ष उठाया जाएगा। बैठक में कहा गया कि द्वीपों की भौगोलिक परिस्थितियों और ईंधन के अन्य विकल्पों की अनुपलब्धता को देखते हुए अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के लिए पर्याप्त मात्रा में एलपीजी, पेट्रोल, डीजल और विमानन ईंधन उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है। बैठक की अध्यक्षता डॉ. गौरांग माझी ने की, जबकि डी. अय्यप्पन, सचिव ने द्वीपों की राजनीतिक परिस्थितियों और विभिन्न मुद्दों पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।


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