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सेंट्रल हाल फिर से खोला जाए ताकि सांसद दुख सुख बांट सकें—प्रेमचंद गुप्ता

इस वर्ष राज्यसभा से अप्रैल 2026 तक 73 सांसदों की विदाई होगी कुछ की हो चुकी है कुछ की होने वाली है। बुधवार को उप सभापति ने 37 सांसदों को सुबह सदन में विदाई भाषण दिया और फिर सबको अपने आवास पर रात्रि भोज दिया। विदा हो रहे सांसदों और अभी जिनका कार्यकाल बाकी है उन्होंने बहुत से सुझाव दिए सरकार के सामने बहुत सारी मांगें रखीं। सबकी बात सुनने के बाद संसदीय कार्य मंत्रा किरण रिजिजू ने कहा कि उनके सुझावों और मांगों पर विचार किया जाएगा।

तीस साल से संसदीय जीवन में रहे राष्ट्रीय जनता दल के सांसद प्रेम चंद गुप्ता ने कहा कि आजकल सांसदों के आपसी रिश्तों में बदलाव आ रहा है पहले कुछ विषय़ों पर मतभेद होते थे लेकिन आपसी रिश्ते अच्छे रहते थे। इसकी एक वजह उन्होंने सेंट्रल हाल का बंद होना भी बताया। गुप्ता ने कहा कि सेंट्रल हाल में दोनों सदनों के सांसद मिलते थे बैठते थो दुख सुख बांटते थे अब वो बंद हो चुका है। नया सदन बन गया है यहां लाऊंज ज़रूर है लेकिन सब अपने अपने ग्रुप बना कर बैठते हैं। प्रेम चंद गुप्ता ने मांग की कि सेंट्रल हाल फिर से खोला जाना चाहिए। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने मांग की कि पूर्व सांसदों को संसद में ने की अनुमति होना चाहिए ताकि हम उनके साथ लाउंज में बैठ कर बातचीत कर सकें।

पूर्व राज्यसभा सांसदों को अस्पतालों और रेलवे बुकिंग में मिले विशेष सुविधा --- जावेद अली

समाजवादी पार्टी के सांसद जावेद अली ने राज्यसभा से रिटायर हो चुके सांसदों की तकलीफों का ब्यौरा सदन में रखा। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में रेलवे बुकिंग काउंटर पर पूर्व सांसदों के लिए अलग से काउंटर होने चाहिए ताकि उनको लाइनों में न लगना पड़े । उनकी रेलवे बुकिंग तो फोन पर ही हो जानी चाहिए। बीजू जनता दल के सांसद मुजीब उल्ला खान ने कहा कि वे हीरो बनना चाहते थे लेकिन किस्मत उनको राजनीति में ले आयी अब वे फिर से फिल्मों में एक्टिंग करेंगे हो सकता है अगले एक साल तक उनकी फिल्म रिलीज हो जाए। उन्होंने अपने हीरो बनने के शौक के मजेदार किस्से सुनाए सबको हंसाया और बताया कि कि कैसे हीरो बनते बनते वे नेता बन गए। खान ने बताया कि वे पंचायत से सीधे राज्यसभा पहुंचे विधायक बनने की हसरत दिल में बाकी है 2029 में वे ओडिशा विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे तब तक फिल्मों में काम करेंगे।

राज्यसभा के इतिहास में पहली बार सांसदों ने देखे तीन सभापति – डेरेक ओ ब्रायन

टीएमसी सांसद और राज्यसभा में फ्लोर लीडर डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि राज्य सभा के इतिहास में पहली बार कई सांसदों ने तीन तीन सभापतियों का कार्यकाल देखा। जब आए तो वेंकैया नायडू थे फिर जगदीप धनखड़ आए जो कि बीच में ही चले गए और अब तीसरे सी पी राधाकृष्णन हैं। डेरेक ने कहा ये सदन अब कन्वेंशन सेंटर जैसा लगता है। डेरेक ने कहा कि टीएमसी राज्यसभा में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है और अनुभवी से लेकर युवा नेता सदन में हैं।

कबीरा खड़ा बाजार में सबकी मांगे खैर ना काहू से दोस्ती ना काहू से बैर – दिग्विजय सिंह

कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह, शक्ति सिंह गोहिल , नीरज दांगी, रजनी अशोक राव पाटिल लंबी पारी खेलने के बाद राज्यसभा से रिटायर हो रहे हैं। दिग्विजय सिंह दशकों से राजनीति में है मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री, लोकसभा सांसद , राज्यसभा सांसद रहे। उनको स्वर्गीय इंदिरा गांधी से लेकर प्रधानमंत्री मोदी तक के साथ काम करने का मौका मिला वे इसे अपना सौभाग्य मानते हैं। उन्होंने साफ किया कि कभी कुछ मुद्दों पर वे बहुत कड़वा बोले होंगे लेकिन ये केवल मतभेद था मनभेद नहीं । उन्होंने कबीर के दोहे का उदाहरण दिया --- कबीरा खड़ा बाजार में सबकी मांगे खैर ना काहू से दोस्ती ना काहू से बैर। जाते जाते उन्होने संकेत दे दिया कि ये उनके जीवन का फुल स्टॉप नहीं है ना टायर ना रियाटर सियासी सफर अभी जारी रहेगा।

अनुभवी और मुखर सांसदों की कमी सदन में जरूर दिखेगी लेकिन जो नए 37 सांसद सदन में रहे हैं वो पुराने सांसदों से सीखेंगे यहां हर दो साल बाद सांसद रिटायर होते हैं कुछ की वापसी होती रहती है कुछ नहीं लौट पाते हैं।

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