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टेरेसा द्वीप को मिला तेज 4जी, डिजिटल कनेक्टिविटी मजबूत

46.8 किलोमीटर वायरलेस लिंक ने टेरेसा की बदली तस्वीर

सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम :नानकौरी उपमंडल के अंतर्गत आने वाले अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के सबसे दूरस्थ आबाद द्वीपों में से एक टेरेसा द्वीप ने बेहतर डिजिटल संपर्क की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया है। द्वीप को कामोर्टा से जोड़ने के लिए 46.8 किलोमीटर लंबे उच्च गति वाले वायरलेस रेडियो लिंक की स्थापना की गई है। इस उपलब्धि से टेरेसा द्वीप पर तेज और बेहतर दूरसंचार तथा मोबाइल संपर्क उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। कार निकोबार, जो निकोबार जिले का मुख्यालय है, से लगभग 82 किलोमीटर और नानकौरी उपमंडल के मुख्यालय कामोर्टा से करीब 48 किलोमीटर की दूरी पर स्थित टेरेसा द्वीप लंबे समय से संचार संबंधी चुनौतियों का सामना करता रहा है। वर्तमान में यह द्वीप समुद्र के भीतर बिछाई गई ऑप्टिकल फाइबर केबल से जुड़ा नहीं है और यहां दूरसंचार सेवाएं मुख्य रूप से 10 एमबीपीएस की उपग्रह कड़ी पर निर्भर रही हैं। इसके कारण द्वीपवासियों को तेज और विश्वसनीय इंटरनेट तथा मोबाइल सेवाओं तक पहुंच में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। हाल ही में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान भारत संचार निगम लिमिटेड के अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के अधिकारियों ने बताया कि कामोर्टा और टेरेसा के बीच करीब 48 किलोमीटर लंबा रेडियो लिंक स्थापित किया गया है। इस लिंक के माध्यम से टेरेसा द्वीप पर दो स्थानों पर 4जी मोबाइल सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि दो अन्य स्थानों को भी इसी रेडियो लिंक के माध्यम से जोड़ा जाएगा। भारत संचार निगम लिमिटेड के अधिकारियों ने इस उपलब्धि को भारतीय दूरसंचार क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए कहा कि यह भारत में स्थापित सबसे लंबा रेडियो लिंक है। भारत सरकार के दूरसंचार विभाग ने भी इस उपलब्धि को एक वीडियो के माध्यम से प्रमुखता से सामने रखा है। विभाग ने बताया कि दूरसंचार विभाग, भारत संचार निगम लिमिटेड और टेलीकम्युनिकेशंस कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड के संयुक्त प्रयासों से ‘द्वीपसेतु’ के माध्यम से टेरेसा द्वीप तक 4जी संपर्क पहुंचाया गया है। इसके लिए समुद्र के नीचे फाइबर केबल बिछाने की आवश्यकता नहीं पड़ी और 46.8 किलोमीटर लंबे उच्च गति वाले वायरलेस लिंक का उपयोग किया गया। भारत संचार निगम लिमिटेड की 4जी सेवाओं की शुरुआत से टेरेसा द्वीप के निवासियों के इंटरनेट और मोबाइल संपर्क में महत्वपूर्ण सुधार होने की उम्मीद है। इससे द्वीपवासियों को बाहरी दुनिया से अधिक तेज, सुगम और विश्वसनीय तरीके से जुड़ने में सहायता मिलेगी। लंबे समय से डिजिटल संपर्क की सीमाओं से जूझ रहे इस दूरस्थ द्वीप के लिए यह सुविधा विशेष महत्व रखती है। बेहतर डिजिटल संपर्क से सबसे अधिक लाभ विद्यार्थियों को मिलने की संभावना है। तेज इंटरनेट सुविधा के माध्यम से विद्यार्थी देश और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों, अध्ययन सामग्री और सूचनाओं तक आसानी से पहुंच बना सकेंगे। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं तथा अन्य आवश्यक डिजिटल सेवाओं तक पहुंच में भी सुधार हो सकता है। इससे टेरेसा द्वीप के निवासियों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में नई संभावनाएं खुलने की उम्मीद है। जब तक टेरेसा द्वीप को समुद्री ऑप्टिकल फाइबर केबल से स्थायी रूप से नहीं जोड़ा जाता, तब तक ‘द्वीपसेतु’ वायरलेस लिंक इस दूरस्थ द्वीप तक उच्च गति वाली 4जी कनेक्टिविटी पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह व्यवस्था टेरेसा के लंबे समय से चले आ रहे डिजिटल अलगाव को कम करने और द्वीपवासियों को देश के बाकी हिस्सों से बेहतर तरीके से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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