ताइपे : ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने शनिवार को कहा कि ताइवान शांति चाहता है, लेकिन अपनी आजादी से समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि ताइवान के लोगों के अस्तित्व और अपने भविष्य का फैसला करने के अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए। राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर दिए गए भाषण में उन्होंने कहा कि रक्षा क्षमता बढ़ाना उकसावे की कार्रवाई नहीं है। लाई ने कहा कि शांति केवल इच्छा जताने से कायम नहीं रह सकती। ताइवान बातचीत और आपसी संपर्क के लिए तैयार है, लेकिन किसी के अधीन होना स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल ताइवान के अस्तित्व का नहीं, बल्कि इस सिद्धांत का भी है कि ताकत के बल पर नियमों को नहीं बदला जा सकता। चीन ने लाई के बयान की निंदा करते हुए उन पर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने और ताइवान की स्वतंत्रता की अलगाववादी सोच को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है, जबकि ताइपे इस दावे का विरोध करता है।