सूरत में भारी बारिश के कारण लोग बेहाल 
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मूसलाधार बारिश से बेहाल हुआ सूरत: डूबे निचले इलाके, प्रशासन अलर्ट मोड पर; बुलाई गई SDRF

नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात, प्रशासन ने स्कूल-कॉलेज बंद रखने की दी सलाह, लोगों से घरों में सुरक्षित रहने की अपील

सूरत: गुजरात के सूरत जिले में मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक, यानी महज 14 घंटों के भीतर सूरत शहर 13 से 14 इंच पानी में डूब गया। बारिश का यह रौद्र रूप यहीं नहीं थमा; जिले के पलसाणा में रिकॉर्ड 18 इंच और कामरेज में 16 इंच पानी गिरने से हालात बेकाबू हो गए। इस प्रलयंकारी बारिश के चलते शहर के तमाम निचले इलाकों में समंदर जैसा नजारा दिखने लगा, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है।

प्रशासन अलर्ट मोड पर, मैदान में उतरीं NDRF और SDRF की टीमें

बिगड़ते हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने कमान संभाल ली है। जिला कलेक्टर तेजस परमार ने देर शाम ग्राउंड रिपोर्ट देते हुए बताया कि राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिए गए हैं। सूरत महानगरपालिका (SMC) के कर्मचारी और अधिकारी प्रभावित इलाकों में मुस्तैद हैं और जलभराव को कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

राहत अभियानों को गति देने के लिए एनडीआरएफ (NDRF) की एक टीम पहले से ही मोर्चे पर तैनात है, जबकि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ (SDRF) की तीन अतिरिक्त टीमों को तुरंत सूरत के लिए रवाना कर दिया गया है। प्रशासन ने नागरिकों से संयम बरतने और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की है।

सूरत में रेस्क्यू ऑपरेशन तेज: 1200 लोग सुरक्षित निकाले गए, फिलहाल खतरे के निशान से नीचे है ताप्ती नदी

सूरत जिले में मूसलाधार बारिश के बाद पैदा हुए जलभराव के संकट को देखते हुए राहत दल पूरी मुस्तैदी से जुटे हुए हैं। अब तक बाढ़ प्रभावित और जलमग्न हो चुके इलाकों से 1,200 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इसके साथ ही, जिले के अन्य प्रभावित तालुकों (तहसीलों) में भी निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर शिफ्ट करने का काम तेजी से किया गया है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि रेस्क्यू ऑपरेशन बिना रुके जारी है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त टीमों व संसाधनों को भी मैदान में उतारा जाएगा।

राहत की बात: ताप्ती और उकाई डैम का जलस्तर नियंत्रण में भारी बारिश के बीच राहत की सबसे बड़ी खबर नदियों के जलस्तर को लेकर आई है। जिला कलेक्टर तेजस परमार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि फिलहाल ताप्ती नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है। इसके साथ ही उकाई बांध (Ukai Dam) का जलस्तर भी पूरी तरह नियंत्रण में है, जिसकी वजह से अभी बड़े पैमाने पर बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति पैदा नहीं हुई है। इसके बावजूद, मौसम के मिजाज और लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और हर पल की स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है।

मौसम विभाग ने बुधवार को ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। इसे देखते हुए 8 जुलाई को सूरत जिले की सभी सरकारी और निजी स्कूलों, कॉलेजों तथा आंगनबाड़ियों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अगर कोई अत्यंत आवश्यक काम न हो तो घर से बाहर निकलने से बचें।

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