सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में समुद्री परिवहन पर अत्यधिक निर्भरता को देखते हुए प्रशासन ने सभी नौका संचालकों और बोट मास्टर्स को सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने कहा है कि अंतरद्वीपीय संपर्क मुख्य रूप से छोटी नौकाओं, फेरी सेवाओं और यांत्रिक नौकाओं पर आधारित है, इसलिए यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। आपदा प्रबंधन निदेशालय ने समुद्री एवं जिला प्रशासन के समन्वय से सभी नौका संचालकों से राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने की अपील की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी नौकाएं समुद्र में संचालन योग्य, नियमित रूप से अनुरक्षित तथा निर्धारित क्षमता के भीतर ही संचालित होनी चाहिए। निदेशक (आपदा प्रबंधन), अंडमान एवं निकोबार प्रशासन ने सभी बोट ऑपरेटरों और बोट मास्टर्स को निर्देश दिया है कि संचालन के दौरान सर्वे प्रमाणपत्र और लाइसेंस नौका पर उपलब्ध रखें। इसके अलावा नौका में विस्फोटक या खतरनाक सामग्री ले जाने पर रोक लगाने, यात्रियों के अनुरूप पर्याप्त प्रशिक्षित चालक दल रखने तथा ओवरलोडिंग से बचने को कहा गया है। प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया है कि नौका में उचित संचार व्यवस्था हो, चालक दल आग लगने अथवा बचाव कार्यों से निपटने के लिए प्रशिक्षित हो तथा किसी भी प्रकार के अनधिकृत परिवर्तन या अनधिकृत व्यक्ति को नौका में प्रवेश की अनुमति न दी जाए। साथ ही नौका का बीमा, साफ-सफाई और सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन ने सभी संबंधित पक्षों से नौका सुरक्षा को साझा जिम्मेदारी मानते हुए जारी दिशा