केप केनावेरल : स्पेसएक्स के विशाल स्टारशिप रॉकेट ने एक और परीक्षण उड़ान भरी और इस दौरान स्टारलिंक के सबसे उन्नत 20 उपग्रहों को अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया। स्टारशिप ने कंपनी के टेक्सास स्थित दक्षिणी प्रक्षेपण केंद्र से उड़ान भरी। यह रॉकेट 407 फुट (124 मीटर) ऊंचा है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने इस उड़ान पर करीबी नजर रखी क्योंकि भविष्य में चंद्रमा पर चालक दल को उतारने के लिए स्टारशिप का इस्तेमाल ‘लूनर लैंडर’ के रूप में किया जा सकता है। करीब एक घंटे की इस उड़ान के बाद यह हिंद महासागर में बिना किसी बाधा के पानी में उतरा और इसने अपनी यात्रा समाप्त की। एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने पहले चरण के 33 इंजनों में से छह इंजन बदले हैं। पिछले सप्ताह ये इंजन काम नहीं कर पाए थे, जिसके कारण प्रक्षेपण को अंतिम क्षणों में रद्द करना पड़ा था। इससे पहले मई में हुई स्टारशिप की पिछली परीक्षण उड़ान के दौरान भी इंजनों में तकनीकी खराबी आई थी, जिसके कारण बूस्टर को नियंत्रित तरीके से वापस नहीं लाया जा सका था। इस मिशन में अंतरिक्षयान पूर्व दिशा में अपनी उड़ान जारी रखते हुए लगभग 200 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक-एक करके स्टारलिंक उपग्रहों को सफलतापूर्वक छोड़ता रहा और फिर इसने पृथ्वी के वायुमंडल में दोबारा प्रवेश किया। यह दुनिया के सबसे बड़े और सबसे शक्तिशाली रॉकेट की 13वीं उड़ान थी और नए संस्करण वी3 की इस वर्ष दूसरी उड़ान थी। स्पेसएक्स के अनुसार यह वायुमंडल में वापस लौटने का सबसे सफल अभ्यास था। स्पेसएक्स की इंजीनियर केट टाइस ने कहा कि हम इस सफलता से बेहद उत्साहित हैं। यह वास्तव में 'लकी फ्लाइट 13' रही।