सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजय पुरम -- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के वरिष्ठ नेता और पूर्व महासचिव सीताराम येचुरी की दूसरी पुण्यतिथि के अवसर पर 12 सितंबर 2026 को अनारकली स्थित शहीद भवन में स्मरण सभा आयोजित की गई। सभा में पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने सीताराम येचुरी के राजनीतिक जीवन, संघर्ष और देश के प्रति उनके योगदान को याद किया।
इस अवसर पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) अंडमान निकोबार राज्य आयोजन समिति के सचिव डी. अय्यप्पन ने कहा कि वर्तमान भारतीय राजनीति में कॉमरेड सीताराम येचुरी की अनुपस्थिति काफी महसूस की जा रही है। उन्होंने कहा कि साम्प्रदायिक शक्तियों के खिलाफ येचुरी के समझौता न करने वाले संघर्ष को राजनीतिक संबद्धता से परे सभी लोगों ने सराहा था। उन्होंने कहा कि सीताराम येचुरी ने अपना पूरा जीवन देश की जनता के लिए समर्पित कर दिया था।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1975 में इंदिरा गांधी सरकार द्वारा लगाए गए आंतरिक आपातकाल के कठिन दौर में सीताराम येचुरी जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्र संगठन के एक प्रभावशाली नेता के रूप में उभरे थे।
सभा की अध्यक्षता करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रणब बनर्जी ने कहा कि सीताराम येचुरी ने देश में लोकतंत्र को जीवित रखने के लिए संघर्ष किया। राज्य सचिवालय सदस्य बी. चंद्रचूड़न ने कहा कि वर्तमान समय में जब साम्प्रदायिक शक्तियां देश को विभाजित करने का प्रयास कर रही हैं, ऐसे समय में पार्टी कार्यकर्ताओं को सीताराम येचुरी के जीवन और विचारों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना चाहिए।
पार्टी के पूर्व राज्य सचिव के. जी. दास ने कहा कि सीताराम येचुरी को उचित श्रद्धांजलि यही होगी कि मोदी सरकार की कथित अधिनायकवादी नीतियों का विरोध किया जाए। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।
पोर्ट ब्लेयर नगर क्षेत्र समिति के सचिव पी. सत्यपाल ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा। स्मरण सभा में पार्टी के बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भाग लिया।