ईटानगर : अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने प्रस्तावित सियांग अपर बहुउद्देशीय परियोजना (एसयूएमपी) को लेकर लोगों से सहयोग और समर्थन की अपील की है। उन्होंने कहा कि परियोजना से जुड़ी जमीन, वन, नदियों और स्थानीय समुदायों पर संभावित प्रभाव को लेकर लोगों की जो भी चिंताएं हैं, सरकार उनका समाधान करने के लिए बातचीत को तैयार है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को ईटानगर में परियोजना को लेकर आयोजित परामर्श बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि यह अंततः एक राष्ट्रीय परियोजना है, लेकिन स्थानीय जनता को साथ लेकर चलना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि लोगों की जमीन और उनके हितों को नजरअंदाज करके परियोजना को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता।
लोगों को साथ लेकर आगे बढ़ने पर जोर
खांडू ने कहा कि सरकार परियोजना को लेकर लोगों के सवालों और आशंकाओं पर बातचीत के लिए तैयार है। जिन लोगों को परियोजना के किसी पहलू को लेकर संदेह या चिंता है, वे संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर स्पष्टीकरण प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि परियोजना को लेकर लोगों के बीच अधिक जागरूकता पैदा करने की जरूरत है। सरकार इसके तकनीकी पहलुओं, महत्व और संभावित प्रभावों के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने के लिए आगे भी जागरूकता और संवाद कार्यक्रम आयोजित करेगी।
जमीन और स्थानीय समुदायों से जुड़े मुद्दे अहम
प्रस्तावित परियोजना को लेकर सियांग और अपर सियांग जिलों के विभिन्न इलाकों में जमीन, वन क्षेत्र, नदी और स्थानीय समुदायों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं। ऐसे में सरकार की ओर से परामर्श और संवाद की प्रक्रिया को महत्वपूर्ण बताया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण पहले ही समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर कर चुके हैं। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में अभी भी सहमति की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। उन्होंने विशेष रूप से गेकू क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां कुछ लोगों ने अभी तक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।
अधिकारियों के साथ परियोजना के तकनीकी पहलुओं पर चर्चा
खांडू की यह टिप्पणी सियांग और अपर सियांग जिलों के अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद आई। बैठक में प्रस्तावित सियांग अपर बहुउद्देशीय परियोजना के महत्व, इसकी तकनीकी विशेषताओं और इससे जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने परियोजना से संबंधित जानकारी को स्थानीय लोगों तक पहुंचाने तथा उनके सवालों का जवाब देने के लिए संवाद की प्रक्रिया जारी रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोगों को परियोजना के बारे में सही और विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराना आवश्यक है, ताकि वे इसके विभिन्न पहलुओं को समझ सकें। सरकार का कहना है कि परियोजना को आगे बढ़ाने के दौरान स्थानीय लोगों की चिंताओं पर ध्यान दिया जाएगा और संबंधित पक्षों के साथ बातचीत जारी रखी जाएगी। परियोजना को लेकर आगे की प्रक्रिया में स्थानीय समुदायों की भागीदारी और उनकी चिंताओं का समाधान महत्वपूर्ण मुद्दा बना रहेगा।