संयुक्त राष्ट्र : पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकने, बाधित करने या मोड़ने के किसी भी प्रयास को ‘‘युद्ध की कार्रवाई’’ माना जाएगा। उन्होंने कहा कि सिंधु नदी प्रणाली पाकिस्तान ही नहीं, पूरे क्षेत्र के लिए जीवनरेखा है। शरीफ ने आरोप लगाया कि संधि को स्थगित रखने का भारत का एकतरफा फैसला ‘‘पूरी तरह कानूनी आधारहीन’’ है। उन्होंने दावा किया कि संधि को लेकर भारत के रुख और कदमों को संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों तथा मध्यस्थता अदालत ने खारिज किया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का यह रुख कायम है कि संधि वैध और बाध्यकारी है। साथ ही उन्होंने 2025 में भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव को व्यापक युद्ध में बदलने से रोकने का श्रेय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दिया।