काठमांडू : विनाशकारी बाढ़ के बाद हाइड्रोपावर परियोजनाओं में लापता सैकड़ों कर्मचारियों के परिजन उनकी तलाश में जुटे हैं। बाढ़ में एक हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 4,000 लोग अब भी लापता हैं। ऊपरी त्रिशूली-1 परियोजना में लापता 60 वर्षीय लक्ष्मण गुरूंग के बेटे अनुष को अब भी उम्मीद है कि उनके पिता सुरंग में फंसे हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि सुरंग की तलाशी से ही स्थिति स्पष्ट होगी। स्वतंत्र बिजली उत्पादक संघ के अनुसार, 11 जलविद्युत परियोजनाओं में काम करने वाले 600 से अधिक लोग अब भी संपर्क से बाहर हैं। ऊपरी त्रिशूली-3बी परियोजना में कमल बहादुर पांडे समेत कम से कम 122 लोग लापता हैं। परिजनों के दबाव के बाद सोमवार को खुदाई के लिए एक्सकेवेटर लगाया गया। वहीं, त्रिशूली-3ए परियोजना में 30-40 लोगों के भूमिगत पावरहाउस में फंसे होने की आशंका है। परिजन राहत एवं बचाव अभियान तेज करने की मांग कर रहे हैं।