सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : डॉ. बी. आर. अंबेडकर प्रौद्योगिकी संस्थान को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी विभाग के लिए एक महत्वपूर्ण अनुसंधान एवं विकास परियोजना प्राप्त हुई है, जिसके लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की योजना के अंतर्गत 41 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। यह परियोजना आईआईटी भिलाई इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन के माध्यम से स्वीकृत हुई है। “एआई–आईओटी आधारित सौर ऊर्जा संचालित स्मार्ट नारियल पानी विक्रय मशीन” शीर्षक वाली इस परियोजना का नेतृत्व सहायक प्राध्यापक द्वारा किया जा रहा है, जबकि सह-प्रमुख अन्वेषक के रूप में विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर जुड़े हुए हैं। इस परियोजना को एक स्टार्टअप के माध्यम से लागू किया जाएगा, जिसका उद्देश्य जनजातीय नारियल किसानों, युवा उद्यमियों और महिला स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाना है। इसके अलावा “मोइर सुपरलेट्टिस में अपरंपरागत अतिचालकता” विषय पर एक अन्य अनुसंधान परियोजना को भी तीन वर्षों के लिए 40 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है। इस परियोजना का नेतृत्व भौतिकी विभाग के सहायक प्राध्यापक द्वारा किया जा रहा है और इसमें एक कनिष्ठ अनुसंधान फेलो का प्रावधान भी शामिल है। यह अनुसंधान संघनित पदार्थ भौतिकी के उन्नत क्षेत्रों में नई संभावनाओं को तलाशने पर केंद्रित है और संस्थान के अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।