क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्रि पेस्कोव ने कहा है कि रूस को ईरान की ओर से किसी हथियार आपूर्ति के अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ है, जबकि मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के दौरान इस तरह की संभावनाओं पर सवाल उठाए जा रहे थे।
एक संवाददाता ने पेस्कोव से पूछा कि क्या मॉस्को ईरान को सामग्री सहायता या हथियार प्रदान करने की योजना बना रहा है। इस पर पेस्कोव ने कहा, “इस मामले में, ईरानी पक्ष से कोई अनुरोध नहीं आया। हमारी स्थायी स्थिति सभी के लिए जानी-पहचानी है, और इस संबंध में कोई बदलाव नहीं हुआ है।”
पेस्कोव की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब रूस और ईरान के बीच पिछले साल 20 साल की रणनीतिक साझेदारी समझौता हुआ था। यह समझौता दोनों देशों के बीच सुरक्षा, आर्थिक और तकनीकी सहयोग को मजबूत करने के लिए किया गया था।
रूस वर्तमान में ईरान के केवल परमाणु संयंत्र, बुशहर में दो नए परमाणु रिएक्टर यूनिट का निर्माण कर रहा है। इसके अलावा, ईरान ने रूस को शहद (Shahed) ड्रोन भी उपलब्ध कराए थे, जिनका उपयोग रूस ने यूक्रेन में किया।
हालांकि, पेस्कोव ने स्पष्ट किया कि रूस और ईरान के बीच सहयोग सीमित रूप से रणनीतिक और तकनीकी क्षेत्रों तक ही सीमित है, और मॉस्को ने किसी भी सैन्य आपूर्ति का प्रस्ताव ईरान को नहीं दिया।
विश्लेषकों का कहना है कि रूस-ईरान संबंध मौजूदा वैश्विक तनाव और अमेरिका व यूरोपीय देशों के प्रतिबंधों के बीच रणनीतिक महत्व रखते हैं। इसके बावजूद, रूस का दृष्टिकोण स्पष्ट है कि किसी भी हथियार आपूर्ति के लिए ईरान की ओर से औपचारिक अनुरोध होना आवश्यक है।