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वार्ड 23 में जल संकट को लेकर सड़क जाम, ‘जेल भरो आंदोलन’ की चेतावनी

महिलाओं ने घेरा अधिकारी, गिरफ्तारी देने की दी चेतावनी

सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : श्री विजयपुरम के वार्ड संख्या 23 में पिछले पांच दिनों से जल आपूर्ति बाधित रहने के कारण रविवार को स्थिति गंभीर हो गई, जब स्थानीय निवासियों ने सड़क जाम कर ‘जेल भरो आंदोलन’ शुरू कर दिया और तत्काल पेयजल आपूर्ति बहाल करने की मांग की। बड़ी संख्या में, विशेषकर महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर अधिकारियों का घेराव किया और कहा कि वे बिना पानी के रहने के बजाय गिरफ्तारी देने के लिए तैयार हैं। इस विरोध प्रदर्शन के कारण कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा, जिसके बाद प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा। यह विरोध ऐसे समय में हुआ है जब पूरे अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में जल संकट की स्थिति बनी हुई है और प्रशासन लगातार जल संरक्षण की अपील कर रहा है। वार्ड 23 के निवासियों ने बताया कि पिछले पांच दिनों से नलों में पानी नहीं आया, जिससे खाना बनाने, स्नान और साफ-सफाई जैसे दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि करीब 20 दिन पहले भी इसी तरह का विरोध हुआ था, जिसके बाद केवल तीन दिनों के लिए पानी की आपूर्ति बहाल हुई थी, लेकिन फिर स्थिति पहले जैसी हो गई। बार-बार हो रही इस समस्या से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

अधिकारियों ने इस संकट का कारण हाल के उत्तर-पूर्व मानसून में सामान्य से काफी कम वर्षा को बताया। पोर्ट ब्लेयर और आसपास के क्षेत्रों के मुख्य जल स्रोत धनिखारी बांध में पिछले पांच वर्षों में नवंबर से फरवरी के बीच सबसे कम वर्षा दर्ज की गई है, जिससे जल भंडारण स्तर घट गया है। निवासियों ने जल वितरण में असमानता का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि कई अन्य वार्डों में हर तीन दिन में पानी की आपूर्ति होती है, जबकि वार्ड 23 में लंबे समय तक पानी नहीं मिलता। साथ ही यह आरोप भी लगाया गया कि इस क्षेत्र के लिए भेजे गए पानी के टैंकरों को कमराज नगर जैसे अन्य क्षेत्रों में भेजा जा रहा है। लोगों ने यह भी बताया कि जब पानी आता भी है तो वह पर्याप्त नहीं होता। केवल 15 से 20 मिनट तक पानी आता है, जिसमें शुरुआत में हवा निकलती है और बाद में बहुत कम दबाव के कारण एक बाल्टी भरना भी मुश्किल हो जाता है। प्रदर्शन के दौरान कई लोगों ने कहा कि यदि प्रशासन उन्हें पानी उपलब्ध नहीं करा सकता, तो उन्हें हिरासत में ले लिया जाए, जहां कम से कम पीने का पानी उपलब्ध होगा। मौके पर पहुंचे सहायक आयुक्त ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और बताया कि लाल मिट्टी क्षेत्र का स्थानीय जल स्रोत गर्मी के कारण सूख गया है, जिससे यह समस्या उत्पन्न हुई है। तत्काल समाधान के रूप में अधिकारियों ने बताया कि ऑस्टिनाबाद से बोरवेल कनेक्शन अंतिम चरण में है, जिससे प्रतिदिन लगभग एक लाख लीटर पानी की आपूर्ति बढ़ेगी और दबाव में सुधार होगा। आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने सड़क खाली कर दी, लेकिन स्थानीय प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि वादों का पालन नहीं हुआ, तो बड़े स्तर पर फिर से आंदोलन किया जाएगा।


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