सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम: अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के उपराज्यपाल एडमिरल डी. के. जोशी ने मरीन हिल सर्किट हाउस परियोजना के प्रस्तावित पुनर्विकास कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया और अधिकारियों से विस्तृत प्रस्तुति प्राप्त की। इस अवसर पर मुख्य सचिव और प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
उपराज्यपाल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजना को उच्च गुणवत्ता की सुविधा के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से बेसमेंट में वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting), छत पर सौर ऊर्जा पैनल और हरित भवन मानकों (Green Building Standards) के पूर्ण पालन पर जोर दिया। उनका मानना है कि यह परियोजना न केवल प्रशासनिक सुविधाओं के लिए आदर्श बने, बल्कि पर्यावरण और सतत विकास के दृष्टिकोण से भी उदाहरण प्रस्तुत करे।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि परियोजना को मिशन मोड में कार्यान्वित किया जाए, ताकि 18 माह के भीतर इसका निर्माण कार्य पूरा किया जा सके। उपराज्यपाल ने यह सुनिश्चित करने पर बल दिया कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता, सुरक्षा और पर्यावरणीय मानकों का कोई समझौता न हो। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि परियोजना की समय-सीमा और गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए।
मुख्य सचिव ने परियोजना के तकनीकी और वित्तीय पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी और बताया कि सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना में उच्च तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे भवन ऊर्जा-कुशल और पर्यावरण-अनुकूल बनेगा।
उपराज्यपाल ने कहा कि मरीन हिल सर्किट हाउस का पुनर्विकास अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के प्रशासनिक ढांचे और पर्यटन विकास के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी निर्माण गतिविधियों की नियमित समीक्षा की जाए और कोई भी विलंब न हो।
साथ ही, उन्होंने स्थानीय निवासियों और पर्यावरण विशेषज्ञों की सलाह को भी परियोजना में शामिल करने का सुझाव दिया, ताकि परियोजना स्थायी और पारिस्थितिक दृष्टि से संतुलित हो। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सभी दिशानिर्देशों का पालन किया जाएगा और परियोजना को समयबद्ध और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाएगा।
उपराज्यपाल ने निरीक्षण के बाद कहा, "यह परियोजना द्वीपसमूह में प्रशासनिक और पर्यावरणीय दृष्टि से एक मॉडल बनेगी। हम सुनिश्चित करेंगे कि हर पहलू में गुणवत्ता और हरित मानक पूरी तरह से लागू हों।"