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जीबी पंत अस्पताल में एचसीवी रक्त जांच सुविधा उपलब्ध न होने पर रंगलाल हलदार ने जताई चिंता

सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : अंडमान एवं निकोबार प्रादेशिक कांग्रेस समिति के अध्यक्ष रंगलाल हलदार ने पोर्ट ब्लेयर स्थित जीबी पंत अस्पताल में एचसीवी (हेपेटाइटिस-सी वायरस) रक्त जांच सुविधा लगातार उपलब्ध न होने पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस कारण द्वीपसमूह के मरीजों और उनके परिवारों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य सचिव, अंडमान एवं निकोबार प्रशासन को भेजे गए एक ज्ञापन में हलदार ने कहा कि जीबी पंत अस्पताल, जो अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह का प्रमुख सरकारी रेफरल अस्पताल है, वहां उपचार के लिए आने वाले मरीजों को एचसीवी रक्त जांच तथा अन्य आवश्यक जांच कराने के लिए निजी अस्पतालों और डायग्नोस्टिक केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में उपचार प्राप्त करने के बावजूद मरीजों को ऐसी जांचों के लिए अपनी जेब से अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है, जो सामान्य रूप से अस्पताल में उपलब्ध होनी चाहिए। यह स्थिति विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, दिहाड़ी मजदूरों, वरिष्ठ नागरिकों तथा दूरदराज के द्वीपों से आने वाले मरीजों के लिए अधिक कष्टदायक बन गई है, जिन्हें चिकित्सा उपचार के लिए पहले से ही यात्रा, आवास और मजदूरी के नुकसान का भार उठाना पड़ता है। उन्होंने आगे कहा कि आम जनता यह समझने में असमर्थ है कि जब सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के संचालन, रखरखाव और विकास के लिए प्रत्येक वर्ष पर्याप्त सार्वजनिक धन आवंटित किया जाता है, तब मरीजों को आवश्यक जांच सुविधाओं के लिए निजी संस्थानों पर निर्भर होने के लिए क्यों मजबूर होना पड़ रहा है। रंगलाल हलदार ने जोर देकर कहा कि आवश्यक जांच सुविधाओं की लगातार अनुपलब्धता न केवल मरीजों के लिए असुविधा और आर्थिक बोझ का कारण बनती है, बल्कि इससे सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास भी प्रभावित होता है। एएनटीसीसी अध्यक्ष ने स्वास्थ्य सचिव, अंडमान एवं निकोबार प्रशासन से आग्रह किया है कि जीबी पंत अस्पताल में एचसीवी रक्त जांच सहित सभी आवश्यक रक्त जांच सुविधाओं को बिना किसी और देरी के पुनः शुरू करने और उनकी नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि मरीजों को एक ही स्थान पर समयबद्ध, सस्ती और समग्र स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने का अधिकार है तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में कमियों के कारण किसी भी नागरिक को बुनियादी जांच सुविधाओं के लिए निजी संस्थानों का सहारा लेने के लिए विवश नहीं होना चाहिए।


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