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राहुल गांधी का लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पर गंभीर आरोप

विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि स्पीकर ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से आश्वासन दिया था कि बजट पर चर्चा शुरू होने से पहले उन्हें बोलने का अवसर दिया जाएगा, लेकिन अब वह अपने वादे से पीछे हट रहे हैं।

अंजलि भाटिया

संसद के बजट सत्र का तीसरा सप्ताह शुरू हो गया है, लेकिन अब तक बजट पर चर्चा की शुरुआत नहीं हो सकी है। सोमवार को भी लोकसभा में गतिरोध बना रहा और भारी हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।

इस बीच विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि स्पीकर ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से आश्वासन दिया था कि बजट पर चर्चा शुरू होने से पहले उन्हें बोलने का अवसर दिया जाएगा, लेकिन अब वह अपने वादे से पीछे हट रहे हैं।

राहुल गांधी ने कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहीं पीठासीन सांसद संध्या राय से कहा,

“हम करीब एक घंटे पहले स्पीकर के चैंबर में मिले थे। उन्होंने कमिटमेंट किया था कि बजट चर्चा से पहले मुझे बोलने दिया जाएगा। क्या मुझे अपने पॉइंट्स रखने की अनुमति मिलेगी?”

हालांकि, संध्या राय ने स्पष्ट किया कि उन्हें ऐसा कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है और बिना नोटिस के बोलने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

साध्य राय ने राहुल गांधी के बजाय कांग्रेस सांसद शशि थरूर से बजट पर बोलने को कहा। थरूर ने सदन की परंपरा का हवाला देते हुए कहा कि वर्षों से यह परंपरा रही है कि बजट चर्चा में पहले नेता प्रतिपक्ष को बोलने का अवसर दिया जाता है।

लेकिन विपक्षी सदस्य अपनी मांग पर अड़े रहे और सदन में हंगामा शुरू हो गया। इसके बाद कार्यवाही 10 फरवरी सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा,

“स्पीकर ने गतिरोध दूर करने के लिए बैठक बुलाई थी। राहुल गांधी वहां थे और मैं भी मौजूद था। स्पीकर ने कोई कमिटमेंट नहीं किया। उन्होंने सिर्फ कहा था कि अगर सहमति बनती है तो सभी नेताओं को बोलने का मौका मिलेगा।”

रिजिजू ने यह भी कहा कि राहुल गांधी क्या बोलेंगे, यह भी स्पष्ट नहीं है। अगर वह स्पीकर पर आरोप लगाएंगे तो स्पीकर का जवाब भी होगा।

उन्होंने विपक्ष से अपील की कि सदन की गरिमा बनाए रखें।

विपक्षी दलों ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला किया है। विपक्ष का कहना है कि अध्यक्ष सदन में पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रहे हैं और विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि सभी विपक्षी दलों ने उस पर अपने हस्ताक्षर भी कर दिए है ।

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा,

“स्पीकर साहब का खुद निरादर किया जा रहा है। उन पर दबाव है कि उन्हें सफाई देनी पड़ रही है। प्रधानमंत्री पर हमले का सवाल ही नहीं उठता। सच यह है कि उस दिन पीएम मोदी में सदन में आने की हिम्मत नहीं थी।”

शशि थरूर ने कहा कि सदन में हमेशा यह परंपरा रही है कि नेता प्रतिपक्ष और संसदीय कार्य मंत्री को बोलने का अवसर दिया जाता है, लेकिन इस बार राहुल गांधी को बोलने से रोका जा रहा है जबकि मंत्री को हर बार मौका मिल रहा है।

उन्होंने कहा संसद हम सबकी है। विपक्ष को अपनी बात रखने का अधिकार है। एक पक्ष को पूरी तरह रोक देना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है।

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