सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : प्रशासन की जनसंपर्क पहल ‘संपर्क से समाधान – प्रशासन गांव की ओर’ के अंतर्गत कल डिगलीपुर के बहुउद्देशीय सभागार में जन शिकायत निवारण कार्यक्रम तथा राजस्व शिविर न्यायालय का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तर एवं मध्य अंडमान के उपायुक्त सुशांत पाधा ने की। इस अवसर पर दिगलीपुर के सहायक आयुक्त संतोष प्रकाश, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, जिला प्रशासन के अधिकारी, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। इस पहल का उद्देश्य प्रशासन और आम नागरिकों के बीच प्रत्यक्ष संवाद स्थापित कर जमीनी स्तर पर सुशासन को मजबूत बनाना, सरकारी सेवाओं की प्रभावी उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा जनता की शिकायतों का समयबद्ध समाधान करना है। कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों तथा आम नागरिकों से सीधा संवाद किया। उन्होंने विभिन्न सरकारी विभागों से संबंधित शिकायतों और समस्याओं को विस्तार से सुना तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को उनके शीघ्र एवं उचित समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए। इसके साथ ही भूमि के उप-विभाजन, नामांतरण, भूमि उपयोग परिवर्तन तथा राजस्व अभिलेखों में नाम सुधार जैसे विभिन्न राजस्व मामलों की भी सुनवाई की गई। कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर नागरिकों को त्वरित एवं जन-केंद्रित सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। सभा को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने उत्तर एवं मध्य अंडमान जिला प्रशासन की उत्तरदायी, पारदर्शी तथा जनसुलभ प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के बीच समन्वित प्रयास, जन शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण तथा स्थानीय समुदायों के साथ निरंतर संवाद ही जमीनी स्तर पर सरकारी योजनाओं और सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की कुंजी है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन भविष्य में भी उत्तर एवं मध्य अंडमान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में ‘संपर्क से समाधान – प्रशासन गांव की ओर’ कार्यक्रमों का नियमित आयोजन जारी रखेगा, ताकि सरकारी सेवाओं को लोगों के और अधिक निकट पहुंचाया जा सके तथा नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से समाधान सुनिश्चित किया जा सके।