पेरिस : पोप लियो ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल पर चिंता जताते हुए इसके लिए मजबूत नैतिक निगरानी की जरूरत बताई है। फ्रांस की चार दिवसीय यात्रा की शुरुआत पर शुक्रवार को उन्होंने कहा कि तकनीक को मानव जीवन पर हावी होने से रोकने के लिए नैतिक समझ विकसित करना जरूरी है। पेरिस के एलिसी पैलेस में लियो ने कहा कि रोजमर्रा की जिंदगी में ‘मशीनों के स्वर्ग’ के बढ़ते दखल और उसके प्रभाव से मानवता को बचाने के लिए नैतिक निर्णय लेने की शिक्षा जरूरी है। अमेरिका में जन्मे पहले पोप लियो अपने 16 महीने के कार्यकाल में कई बार एआई के बढ़ते प्रभाव को लेकर चिंता जता चुके हैं। पोप बनने के बाद यह उनकी फ्रांस की पहली यात्रा है। लियो ने विज्ञान और तकनीक के व्यावसायीकरण पर भी चिंता जताई। उन्होंने आनुवंशिक हेरफेर, सरोगेसी, मानव अंगों के कारोबार और इच्छामृत्यु जैसी प्रवृत्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि विज्ञान और तकनीक को केवल मुनाफे का साधन नहीं बनाया जाना चाहिए।