ढाका : बांग्लादेश पुलिस ने शनिवार को अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग के संदिग्ध दर्जनों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। यह कार्रवाई गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद के उस बयान के कुछ घंटे बाद हुई, जिसमें उन्होंने ‘‘फासीवाद के सहयोगियों’’ को गिरफ्तार करने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत करने की बात कही थी।
अहमद ने राजधानी में पुलिस सप्ताह-2026 के कार्यक्रम में कहा कि जो पुलिसकर्मी ‘‘फासीवाद और अवामी ताकतों के सहयोगियों’’ को कानून के दायरे में लाएंगे, उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। उन्होंने पुलिस से खुफिया तंत्र के जरिए ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें पकड़ने को कहा।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, इसके कुछ ही समय बाद दंगा नियंत्रण उपकरणों से लैस पुलिस ने मध्य ढाका के गुलिस्तान इलाके में वामपंथी झुकाव वाले जातीय समाजतांत्रिक दल (जेएसओडी) के कार्यालय पर छापा मारा और बैठक में शामिल 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया। जेएसओडी अवामी लीग का राजनीतिक सहयोगी रहा है।
पुलिस के अनुसार, बैठक के दौरान ‘‘जय बांग्ला’’ के नारे लगाए गए थे। पुलिस प्रवक्ता अख्तर हुसैन ने कहा कि हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है और आगे की कार्रवाई पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर होगी।
एक अन्य घटना में पुलिस ने ढाका के धनमंडी इलाके में अवामी लीग के चार संदिग्ध कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। यहां पार्टी समर्थकों ने अचानक मार्च निकाला और देसी बम विस्फोट किए थे।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, हसीना को पांच अगस्त 2024 को सत्ता से हटाए जाने के बाद से अवामी लीग के नेताओं और समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई है। 11 सितंबर को ढाका के गुलशन इलाके में फ्लैश मार्च के बाद 52 संदिग्ध अवामी लीग समर्थकों को आतंकवाद निरोधक कानून के तहत गिरफ्तार किया गया था।
हसीना छात्र-नेतृत्व वाले प्रदर्शनों के बाद सत्ता से हट गई थीं और भारत चली गई थीं। ये प्रदर्शन सरकारी नौकरियों में आरक्षण व्यवस्था के विरोध से शुरू हुए थे और बाद में व्यापक सरकार विरोधी आंदोलन में बदल गए थे।