नयी दिल्ली : वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अपने पिता वेदप्रकाश गोयल की जन्म शती पर शनिवार को उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने हिम्मत और अटूट दृढ़ संकल्प के साथ मुश्किलों का सामना करते हुए सादगीपूर्ण जिंदगी जी। अपने पिता को याद करते हुए, गोयल ने कहा कि उनका जीवन विश्वास, विनम्रता और निस्वार्थ सेवा से भरा था, और वह बिना किसी उम्मीद के दूसरों की सेवा करने के लिए पूरी तरह समर्पित थे। वेदप्रकाश गोयल भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी थे।
गोयल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘करुणा की एक सदी का जश्न: पिताजी की स्थायी विरासत। पिताजी वेदप्रकाश गोयल की याद में, जो आज सौ साल के हो गए होते, मुझे एक नेक आत्मा याद आती है जिनका जीवन विश्वास से भरा था और पूरी तरह दूसरों की सेवा के लिए समर्पित था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे परिवार के लिए वह सिद्धांतों, समर्पण, विनम्रता और निस्वार्थ सेवा के जीते-जागते प्रतीक थे, जो बदले में कुछ भी उम्मीद किए बिना सेवा करते थे।’’ गोयल ने कहा कि उनके पिता की प्रेरणादायक यादें परिवार का मार्गदर्शन करती रहती हैं और उन्हें ताकत देती हैं। वेदप्रकाश गोयल ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी।
वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने पिछले साल 31 जनवरी को अपने पिता के 99वें जन्मदिन के अवसर पर कांदिवली पश्चिम में लोक कल्याण कार्यालय का उद्घाटन किया था। यह पीयूष गोयल का उत्तर मुंबई निर्वाचन क्षेत्र का कार्यालय है। यह कार्यालय जनता की शिकायतों का निवारण करने और पूरे निर्वाचन क्षेत्र में विकास पहल की देखरेख के लिए एक केंद्र के रूप में कार्य करता है।