इस्लामाबाद : अगले महीने होने वाली वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (FATF) की बैठक से पहले पाकिस्तान ने जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर पर 70 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) ने उसे मोस्ट वांटेड आतंकवादियों की सूची में शामिल कर ‘रेड बुक’ में डाल दिया है। एफआईए ने आम लोगों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को चेतावनी दी है कि अजहर हथियारों से लैस और बेहद खतरनाक है। एफआईए के अनुसार, उसकी गिरफ्तारी या दोषसिद्धि में मदद करने वाली सूचना देने वाले को संघीय या प्रांतीय सरकार की ओर से 70 लाख रुपये तक का इनाम मिलेगा। रेड बुक के मुताबिक, अजहर के खिलाफ गुजरांवाला, मुल्तान और लाहौर में तीन मामले दर्ज हैं। उसने वर्ष 2000 में जैश-ए-मोहम्मद की स्थापना की थी। भारत ने उसे 2011 के संसद हमले, 2016 के पठानकोट हमले और 2019 के पुलवामा हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया है। 1999 में कंधार विमान अपहरण के दौरान यात्रियों की रिहाई के बदले भारत ने अजहर समेत अहमद उमर सईद शेख और मुश्ताक अहमद जरगर को रिहा किया था। इससे पहले अजहर भारत की हिरासत में था।