लाहौर : ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के बीच सुरक्षा चिंताओं और अन्य कारणों से हाल के महीनों में खाड़ी देशों से 20 हजार से अधिक पाकिस्तानी नागरिकों को निर्वासित किया गया है। इनमें सबसे अधिक लोग सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से वापस भेजे गए। राष्ट्रीय असेंबली में पेश नारकोटिक्स कंट्रोल मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कई पाकिस्तानी नागरिकों को ईरानी हमलों से संबंधित वीडियो और सामग्री रिकॉर्ड करने या सोशल मीडिया पर अपलोड करने के आरोप में भी हिरासत में लिया गया या निर्वासित किया गया। मंत्रालय के अनुसार, 1 मार्च से 13 जुलाई के बीच खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के छह देशों—बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात—से पाकिस्तानी नागरिकों को निर्वासित किया गया। इसके प्रमुख कारण सुरक्षा चिंताएं, वीजा अवधि से अधिक समय तक रुकना, अवैध प्रवेश, भीख मांगना, मादक पदार्थों से जुड़े अपराध, शरण आवेदन खारिज होना तथा फर्जी या गलत दस्तावेज रहे। आंकड़ों के मुताबिक 4,628 फरार लोगों को निर्वासित किया गया, जबकि 1,294 जेल भेजे गए और 968 लोगों को ब्लैकलिस्ट किया गया। पासपोर्ट खोने से जुड़े 1,155 निर्वासन मामले सामने आए और 689 लोगों को वीजा उल्लंघन के कारण वापस भेजा गया। देशवार आंकड़ों में सऊदी अरब से सबसे अधिक 15,500 पाकिस्तानी, यूएई से 3,803, ओमान से 1,606, बहरीन से 521, कतर से 429 और कुवैत से 97 लोगों को निर्वासित किया गया।