दुबई/काहिरा : फ्लाईदुबई के ओमानी सह-पायलट ने 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रहे विमान को अगवा कर इजराइल के बेन गुरियन हवाई अड्डे के टर्मिनल से टकराने की साजिश रची थी। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अटॉर्नी जनरल हमद सैफ अल शम्सी ने यह जानकारी दी। उनके मुताबिक, सह-पायलट आत्मघाती हमले को अंजाम देना चाहता था, लेकिन विमान के कप्तान ने उसे रोक दिया। यूएई के सरकारी अभियोजकों के अनुसार, आरोपी 11 सितंबर 2001 को अमेरिका में हुए आतंकवादी हमलों से प्रेरित था। जांच में पता चला कि उसने उड़ान मार्ग और हवाई अड्डे की जानकारी जुटाने के लिए पहले भी दो बार तेल अवीव की उड़ान भरी थी। अभियोजकों के मुताबिक, सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र में सह-पायलट ने कॉकपिट में रखी आपातकालीन कुल्हाड़ी से कप्तान पर हमला किया। इस दौरान विमान महज 30 सेकंड में करीब 4,900 मीटर नीचे आ गया। हालांकि, विमान में मौजूद दो अन्य पायलटों ने स्थिति संभालते हुए उसे सऊदी अरब में सुरक्षित उतार लिया। बाद में आरोपी को यूएई भेज दिया गया। जांच में पाया गया कि 29 वर्षीय आरोपी ने फ्लाईदुबई में नियुक्ति के समय सभी पेशेवर और सुरक्षा संबंधी मानदंड पूरे किए थे। उसके चरमपंथी विचारों या हमले की योजना के संकेत नहीं मिले थे। अधिकारियों के अनुसार, 2017 में ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई के दौरान ही उसके कट्टरपंथ की ओर झुकाव के संकेत मिलने लगे थे।