एआई (प्रतिकात्मक चित्र) 
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मणिपुर में पूर्वोत्तर का पहला एआई-सक्षम करियर इंटेलिजेंस हब शुरू

इस केंद्र का उद्देश्य विद्यार्थियों को तकनीक आधारित करियर मार्गदर्शन, व्यक्तिगत परामर्श और रोजगार के उभरते अवसरों की जानकारी उपलब्ध कराना है।

Bharat Paswan

इंफाल : मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने शनिवार को इंफाल के तामफासाना गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल में पूर्वोत्तर के पहले एआई-सक्षम करियर इंटेलिजेंस हब का उद्घाटन किया। सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीएलएडीएस) के तहत स्थापित इस केंद्र का उद्देश्य विद्यार्थियों को तकनीक आधारित करियर मार्गदर्शन, व्यक्तिगत परामर्श और रोजगार के उभरते अवसरों की जानकारी उपलब्ध कराना है। उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) विभिन्न क्षेत्रों और व्यवसायों में तेजी से बदलाव ला रहा है। ऐसे में यह केंद्र विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं और रुचियों को पहचानने, करियर के नए विकल्प तलाशने तथा भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि 11वीं और 12वीं कक्षाएं विद्यार्थियों के शैक्षणिक और पेशेवर जीवन की दिशा तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं।

मुख्यमंत्री ने स्कूल की छात्राओं की पिछले सात-आठ महीनों की कठिन परिस्थितियों के दौरान संयम बनाए रखने के लिए सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों और आम लोगों से अपील की कि किसी भी संकट के समय आंदोलन के बजाय बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान तलाशें। उनके अनुसार, मणिपुर में स्थायी शांति और सद्भाव स्थापित करने के लिए शांतिपूर्ण संवाद जरूरी है। सिंह ने विद्यार्थियों को इंसानियत और ईमानदारी को जीवन का आधार बनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति अपनी सभी इच्छाएं पूरी नहीं कर सकता, लेकिन इन मूल्यों का पालन करना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने केंद्र की स्थापना में योगदान के लिए राज्यसभा सांसद अधिकारिमयुम शारदा देवी, शिक्षा विभाग और स्कूल के शिक्षकों का आभार जताया।

बाल विज्ञान कांग्रेस का भी उद्घाटन

इससे पहले मुख्यमंत्री ने मणिपुर अपलिफ्टमेंट सेंटर और समग्र शिक्षा, मणिपुर के सहयोग से आयोजित राज्यस्तरीय 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस 2026-27 का उद्घाटन किया। इस वर्ष का विषय 'स्वास्थ्य और कल्याण के लिए पारिस्थितिकी तंत्र को समझना' रखा गया है। मुख्यमंत्री ने विज्ञान प्रदर्शनी का निरीक्षण किया और विद्यार्थियों से उनके प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को वैज्ञानिक जिज्ञासा, रचनात्मकता और नवाचार को प्रोत्साहित करने की सलाह दी। राज्य के 12 जिलों के स्कूलों से कुल 39 छात्र समूह नेताओं का चयन इस आयोजन के लिए किया गया है। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक और विद्यार्थी भी मौजूद रहे।

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