सियोल : उत्तर कोरिया अपने शीर्ष हैकर्स को बड़े साइबर हमलों के बदले आलीशान फ्लैट और भारी नकद इनाम देता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले महीने बाइनेंस क्रिप्टो प्लेटफॉर्म पर हुए 6.3 अरब डॉलर के साइबर हमले के लिए भी उत्तर कोरिया पर आरोप लगे हैं। हालांकि, प्योंगयांग ने इन आरोपों को खारिज किया है। उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने एक दशक से अधिक समय से हैकर्स की विशेष टीम तैयार करने का कार्यक्रम चला रखा है। इसके तहत हर साल मिडिल स्कूल के करीब 150 से 200 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को कंप्यूटर विज्ञान की पढ़ाई के लिए चुना जाता है। 17 वर्ष की उम्र में बेहतर प्रदर्शन करने वालों को देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में भेजा जाता है। इनमें से चुनिंदा विद्यार्थियों को सेना की साइबर इकाई में शामिल किया जाता है। दक्षिण कोरिया भागे पूर्व उत्तर कोरियाई प्रशिक्षक किम ह्युंग-क्वांग के मुताबिक, इन हैकर्स को क्रिप्टोकरेंसी तकनीक, विदेशी उपकरणों की रिवर्स इंजीनियरिंग, गणित और विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्होंने इन्हें किम जोंग उन का गुप्त हथियार बताया।
उत्तर कोरिया ने 1998 में साइबर इकाई बनाई थी। 2013 में किम ने साइबर युद्ध को परमाणु हथियारों और मिसाइलों के साथ देश की सुरक्षा का अहम हथियार बताया था।