सुप्रीम कोर्ट ने कहा : पटाखों पर पूरी रोक लगाने से लोगों की भावनाएं आहत होंगी 
देश/विदेश

‘आतिशबाजी ने न तो पूरी तरह रोकेंगे और न ही लगातार होने देंगे’

सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली से पहले आतिशबाजी पर रुख स्पष्ट किया

Lokendra Bahuguna

नयी दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि पटाखों पर पूरी तरह रोक लगाने से लोगों की भावनाएं आहत होंगी। इसलिए न तो पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जायेगा और न ही चौबीसों घंटे पटाखे फोड़ने की इजाजत दी जायेगी।

‘हरित पटाखों’ के मामले में सीमित और सशर्त छूट पर विचार

न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश और न्यायमूर्ति पी बी वराले के पीठ ने कहा कि पटाखे चलाने के लिए समय तय करके बीच का रास्ता निकाला जाना चाहिए। पीठ ने मौखिक रूप से कहा कि अगर पूरे दिन पटाखे जलाने की इजाजत दी गयी तो इसका बुरा असर बुजुर्गों, बीमार लोगों और बच्चों सहित सभी जीवित प्राणियों पर पड़ेगा। हमें कोई ऐसा समाधान खोजना होगा जिससे हम एक निश्चित समय दे सकें।

CSIR-NEERI की सिफारिश

सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने एक नोट पेश किया। इसमें कहा गया कि CSIR-NEERI की सिफारिश के अनुसार खास ‘अगली पीढ़ी के संयुक्त हरित पटाखे’ के मामले में सीमित और सशर्त छूट पर विचार किया जा सकता है। इसके लिए शोर, उत्सर्जन और सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन करना होगा और इन पटाखों को कुछ शर्तों को पूरा करना होगा।

अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को

वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद - राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (CSIR-NEERI) के सहयोग से विकसित, अगली पीढ़ी के हरित पटाखे कम उत्सर्जन के लिए कम मात्रा में बेरियम लवणों के साथ तैयार किये गये नये-फॉर्मूले वाले आतिशबाजी उत्पाद हैं। पीठ ने कहा कि वह 15 अक्टूबर को पटाखों में बेरियम के इस्तेमाल से संबंधित मुद्दे पर विचार करेगा। कोर्ट ने पिछले साल भी दिवाली से पहले एक महत्वपूर्ण राहत देते हुए दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में हरित पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल की अनुमति दी थी।

SCROLL FOR NEXT