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मुद्रा ऋण से दक्षिण त्रिपुरा की महिला उद्यमी ने बढ़ाया कारोबार, वित्त मंत्री ने सराहा

Krishna Das Parth

अगरतला : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दक्षिण त्रिपुरा की महिला उद्यमी बुल्टी देबनाथ दत्ता के कारोबार के विस्तार में त्रिपुरा ग्रामीण बैंक (TGB) की भूमिका की सराहना की है। उन्होंने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PM MUDRA Yojana) के जरिए ग्रामीण क्षेत्र में छोटे कारोबार को मिल रही वित्तीय सहायता का उदाहरण देते हुए बुल्टी की उद्यमशीलता की यात्रा का उल्लेख किया। राष्ट्रीय स्तर पर मुद्रा योजना के लाभार्थियों के साथ बातचीत के दौरान वित्त मंत्री ने बेलोनिया के महेशपुर की रहने वाली बुल्टी देबनाथ दत्ता से बातचीत की। बुल्टी ने बताया कि उन्होंने अपने पति के साथ मिलकर वर्ष 2017 में सीमेंट और सरिया से जुड़े उत्पाद बनाने की फैक्टरी शुरू की थी। कारोबार को आगे बढ़ाने में त्रिपुरा ग्रामीण बैंक से मिले ऋण ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पहले 3 लाख का ऋण, फिर बढ़ता गया कारोबार

बुल्टी के अनुसार, उन्होंने वर्ष 2019 में पहली बार 3 लाख रुपये का ऋण त्रिपुरा ग्रामीण बैंक से लिया। इस ऋण को चुकाने के बाद कारोबार की जरूरतों को देखते हुए उन्होंने वर्ष 2023 में दोबारा 3 लाख रुपये का ऋण लिया। कारोबार में मांग बढ़ने के साथ उन्हें अतिरिक्त कार्यशील पूंजी की जरूरत महसूस हुई। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2024 में 7 लाख रुपये का मुद्रा ऋण लिया। इस अतिरिक्त वित्तीय सहायता से उन्होंने फैक्टरी में उत्पादों की संख्या और उत्पादन क्षमता बढ़ाई तथा नियमित रूप से पांच कर्मचारियों को रोजगार देने लगीं।

खुद वाहन खरीदकर ग्राहकों तक पहुंचाती हैं निर्माण सामग्री

बुल्टी ने बताया कि कारोबार के विस्तार के बाद उन्होंने उत्पादों की ढुलाई के लिए अपना वाहन भी खरीदा। उनकी इकाई में आरसीसी पिलर, फिल्टर और वेंटिलेटर सहित विभिन्न निर्माण सामग्री तैयार की जाती है। इन उत्पादों की आपूर्ति ऋष्यमुख ब्लॉक की करीब 10 से 12 पंचायतों में चल रही विभिन्न परियोजनाओं तक की जाती है। इनमें मनरेगा से जुड़े कार्य भी शामिल हैं। इस तरह बैंक से मिले ऋण ने न केवल उनके कारोबार के विस्तार में मदद की, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और निर्माण गतिविधियों को भी समर्थन दिया।

पति की मृत्यु के बाद परिवार की जिम्मेदारी भी संभाली

बुल्टी ने वित्त मंत्री को बताया कि उनके पति की मृत्यु के बाद परिवार की जिम्मेदारी भी उनके कंधों पर आ गई। वह अपनी दो बेटियों और ससुराल के सदस्यों की जिम्मेदारी संभालते हुए कारोबार को आगे बढ़ा रही हैं। उनकी कहानी का उल्लेख करते हुए सीतारमण ने कहा कि मुद्रा योजना का उद्देश्य केवल पारंपरिक कारोबार को ऋण उपलब्ध कराना नहीं है। उन्होंने त्रिपुरा ग्रामीण बैंक के उदाहरण का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्रामीण बैंक स्थानीय स्तर पर नए और अलग तरह के कारोबार करने वाले लोगों को भी वित्तीय सहायता उपलब्ध करा सकते हैं।

TGB की भूमिका की वित्त मंत्री ने की सराहना

वित्त मंत्री ने बुल्टी को शुरुआती ऋण से लेकर कारोबार के विस्तार और सामान पहुंचाने के लिए वाहन खरीदने तक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने में त्रिपुरा ग्रामीण बैंक की भूमिका की विशेष रूप से सराहना की। इस मामले को ग्रामीण बैंकिंग और जमीनी स्तर पर उद्यमिता के बीच संबंध के उदाहरण के रूप में देखा गया। मुद्रा योजना के माध्यम से औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से छोटे उद्यमियों को जोड़ने और कारोबार बढ़ाने के लिए ऋण उपलब्ध कराने पर भी इस दौरान जोर दिया गया।

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