दुबई : इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारतीय पायलट स्मित मच्छार से फोन पर बात की और ‘फ्लाईदुबई’ के विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की सह-पायलट की कथित साजिश को नाकाम करने के लिए उन्हें पूरी दुनिया का ‘नायक’ बताया। नेतन्याहू ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के एक अस्पताल में इलाज करा रहे 38 वर्षीय पायलट का हालचाल जाना। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मच्छार को इजराइल के स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में मशाल प्रज्वलित करने के लिए आमंत्रित किया।
सह पायलट ने इबादत के बहाने किया हमला
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू कार्यालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा गया कि भावुक बातचीत के दौरान कैप्टन मच्छार ने कॉकपिट के उन भयावह पलों के बारे में कई नयी जानकारियां साझा कीं। मच्छार ने उन्हें बताया कि हमले से पहले सह-पायलट जब इबादत कर रहा था, तो सम्मान के कारण मैं आगे की ओर देख रहा था। अचानक, करीब चार-पांच मिनट बाद, मेरे सिर के पीछे जोरदार वार हुआ। उन्हें ख्याल यह आया कि विमान को भारी नुकसान हुआ है और कुछ ठीक नहीं है। लेकिन इसके बाद एक के बाद एक वार होते रहे और तभी मुझे एहसास हुआ कि यह विमान की समस्या नहीं है, बल्कि कॉकपिट में मेरे साथ मौजूद दूसरा व्यक्ति है। मैंने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन शुरुआती वार के कारण मेरी आंखों के आगे लगभग अंधेरा छा गया था और मुझे सबकुछ धुंधला दिखाई दे रहा था। मच्छार ने बताया कि विमान तेजी से नीचे की ओर जाने का अंदेशा होते ही उन्होंने एक बार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे, लेकिन सह-पायलट ने उसे फिर से बंद कर दिया, जिससे वह कॉकपिट के फर्श पर पड़े रहे और उन्हें विमान तथा लोगों के चीखने’ की आवाजें सुनाई दे रही थीं।